झारखंड में 4 सितंबर को मनाया जायेगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, 1.53 करोड़ बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य

Updated at : 30 Aug 2019 4:19 PM (IST)
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झारखंड में 4 सितंबर को मनाया जायेगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, 1.53 करोड़ बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य

रांची : झारखंड में चार सितंबर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जायेगा. इस दौरान झारखंड के सभी स्कूल और आंगनवाड़ी में 1 से 19 साल तक के सभी बच्चों को अल्बेंडाजोल की दवाई खिलायी जायेगी. स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख डॉ विजय शंकर दास ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. अनुपस्थिति या बीमारी के […]

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रांची : झारखंड में चार सितंबर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जायेगा. इस दौरान झारखंड के सभी स्कूल और आंगनवाड़ी में 1 से 19 साल तक के सभी बच्चों को अल्बेंडाजोल की दवाई खिलायी जायेगी. स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख डॉ विजय शंकर दास ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. अनुपस्थिति या बीमारी के कारण जिन बच्चों को 4 सितंबर, 2019 को कृमि नियंत्रण की दवाई नहीं खिलायी जा सकेगी, उन्हें 11 सितंबर को मॉप-अप दिवस पर यह दवा खिलायी जायेगी.

डॉ विजय शंकर दास ने सूचना भवन में कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारी राज्य सरकार ने कर ली है. भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार बच्चों को दवा खिलाने के लिए 43,630 शिक्षकों और 36,865 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अलावा 37,629 सहिया और 372 एमपीडब्ल्यू को प्रशिक्षित किया गया है. उन्होंने बताया कि सभी सेंटरों पर अल्बेंडाजोल पहुंचा दिया गया है.

उन्होंने बताया कि झारखंड में वर्ष 2015 से अब तक 7 बार राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया है. आगामी कृमि मुक्ति दिवस के दिन 1.53 करोड़ बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य है. इसमें 23,34,730 निजी स्कूलों के बच्चे हैं. 40,95,651 बच्चे ऐसे हैं, जो स्कूल नहीं जाते. फरवरी, 2019 के पहले चरण में 1.26 करोड़ बच्चों को कृमि की दवा खिलायी गयी थी.

22 करोड़ से भी अधिक बच्चों को संक्रमण का खतरा

शिशु स्वास्थ्य कोषांग के डॉ अजीत ने पीपीटी के माध्य से बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का उद्देश्य झारखंड में सभी बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी और संज्ञानात्मक विकास तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए उन्हें कृमि मुक्त करना है. उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार, भारत में 5 से 14 साल तक की उम्र के 22 करोड़ से भी अधिक बच्चों को संक्रमण का खतरा है.

डॉ अजीत ने कहा कि विश्व में भारत उन देशों में से एक है, जहां कृमि संक्रमण और इससे संबंधित रोग सबसे अधिक पाये जाते हैं. कृमि संक्रमण की रोकथाम के लिए अल्बेंडाजोल का सेवन लाभदायक एवं प्रभावी उपाय है, जो वैश्विक स्तर पर स्वीकृत है. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, स्कूल शिक्षा मंत्रालय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त सहयोग से आयोजित एक अखिल भारतीय जन स्वास्थ्य कार्यक्रम के रूप में चलाया जा रहा है.

प्रेस वार्ता में शिशु स्वास्थ्य कोषांग के उपनिदेशक सह नोडल पदाधिकारी डॉ अमर कुमार मिश्रा, स्टेट प्रोग्राम मैनेजर मीना जैन उपस्थित थे.

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