रांची : डॉक्टरों पर हमला रोकने की जिम्मेदारी लें आयुक्त और डीआइजी : मुख्य सचिव
Updated at : 25 Jun 2019 8:23 AM (IST)
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रांची : मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने डॉक्टरों और अस्पतालों पर आये दिन हो रहे हमले पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने सभी आयुक्त, डीआइजी, डीसी और एसपी को पत्र लिख कर इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होने देने के निर्देश दिये हैं. पत्र में कहा गया है कि राज्य के प्रत्येक […]
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रांची : मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने डॉक्टरों और अस्पतालों पर आये दिन हो रहे हमले पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने सभी आयुक्त, डीआइजी, डीसी और एसपी को पत्र लिख कर इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होने देने के निर्देश दिये हैं.
पत्र में कहा गया है कि राज्य के प्रत्येक जिले में इस तरह की घटनाओं को रोकने का मैकनिज्म तैयार कराने की जिम्मेदारी प्रमंडलीय आयुक्त और डीआइजी को लेनी होगी. आयुक्त और डीआइजी प्रत्येक महीने डॉक्टरों या अस्पतालों पर हुए हमलों की जांच और कार्रवाई की समीक्षा कर रिपोर्ट दें.
मुख्य सचिव ने कहा है कि राज्य में रोगियों के रिश्तेदारों और दोस्तों द्वारा डॉक्टर और पारा मेडिकल स्टाफ पर हमले की खबरें लगातार मिल रही हैं.
डॉक्टर या पारा मेडिकल स्टाफ से परेशानी होने पर रोगी के परिजन पुलिस के पास एफआइआर करा सकता है. लेकिन, अपने हाथ में कानून लेने का अधिकार किसी को नहीं है. रोगियों के परिजनों को हिंसक होना या अस्पताल को नुकसान पहुंचाना गैरकानूनी है. बिना अनुमति आइसीयू या प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने की इजाजत किसी को नहीं है.
अस्पतालों में हिंसक घटना रोकने व कार्रवाई के लिए होंगे डीएसपी
रांची : मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने अस्पतालों, चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध होनेवाली हिंसक घटनाओं को रोकने व इसके दोषियों पर कार्रवाई करने के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारी को तैनात करने का निर्देश दिया है. वे सोमवार को आइएमए झारखंड इकाई के सदस्यों के साथ उनकी विभिन्न समस्याओं पर बैठक कर रहे थे.
मुख्य सचिव ने गृह विभाग से कहा कि हर जिले में एक डीएसपी को इस काम के लिए अधिकृत करें. जिले के एसपी की जिम्मेदारी होगी कि वह डीएसपी को नोडल पदाधिकारी अधिकृत करें. साथ ही उनका मोबाइल नंबर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन झारखंड इकाई को उपलब्ध करायें. उन्होंने कहा कि डॉक्टर और मरीज के बीच सद्भावना व अपनेपन का रिश्ता रहेगा, तभी तनावपूर्ण स्थिति नहीं होगी.
बायो मेडिकल वेस्ट का लें लाइसेंस, अन्यथा कार्रवाई : मुख्य सचिव ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के आलोक में एसोसिएशन से कहा है कि वह बायो मेडिकल वेस्ट का लाइसेंस शीघ्र ले. जो भी क्लिनिक संचालक लाइसेंस लेने में देर करेंगे, उन पर कानूनी कार्रवाई होगी.
बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह तथा स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी के साथ एसोसिएशन की अोर से डॉ प्रदीप सिंह, डॉ आरएस दास, डॉ विमलेश सिंह, डॉ जीडी बनर्जी, डॉ सुशील सिंह, डॉ ओपी महनसरिया, डॉ भारती कश्यप आदि शामिल थे.
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