रांची : वोटिंग से पहले ही निगरानी की व्यवस्था निष्क्रिय करने के आरोप में उपायुक्त व एसएसपी को आयाेग ने भेजा नोटिस

Updated at : 05 Jun 2019 8:49 AM (IST)
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रांची : वोटिंग से पहले ही निगरानी की व्यवस्था निष्क्रिय करने के आरोप में उपायुक्त व एसएसपी को आयाेग ने भेजा नोटिस

शकील अख्तर मतदान के दो-तीन दिन पहले से अधिकांश एसएफ और एसएसटी निष्क्रिय हो गये थे चुनावी अपराध और अवैध चुनाव खर्च की निगरानी की अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा सकी रांची : राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल खियांग्ते ने रांची के डीसी और एसएसपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इसमें चुनाव […]

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शकील अख्तर
मतदान के दो-तीन दिन पहले से अधिकांश एसएफ और एसएसटी निष्क्रिय हो गये थे
चुनावी अपराध और अवैध चुनाव खर्च की निगरानी की अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा सकी
रांची : राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल खियांग्ते ने रांची के डीसी और एसएसपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इसमें चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों का उल्लंघन करते हुए अधिकांश फ्लाइंग स्क्वॉयड (एसएफ) और स्टैटिक सर्विलांस टीम (एसएसटी) को निष्क्रिय करने का आरोप लगाया गया है. साथ ही यह भी कहा गया है कि इससे चुनावी अपराध और अवैध चुनाव खर्च की निगरानी की अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा सकी.
क्या कहा गया है नोटिस में : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के हस्ताक्षर से जारी कारण बताओ नोटिस(पत्रांक-02/इइएम-24-01/2019/4867) में कहा गया है कि चुनाव आयोग के दिशा निर्देश के आलोक में हर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में तीन या उससे अधिक फ्लाइंग स्क्वॉयड होना चाहिए.
चुनाव की घोषणा की तिथि के दिन से मतदान पूरा होने तक फ्लाइंग स्क्वॉयड को कार्यरत होना चाहिए. इसी तरह हर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में तीन या अधिक स्टैटिक सर्विलांस टीम होनी चाहिए. हर टीम में एक कार्यपालक दंडाधिकारी और तीन-चार पुलिस पदाधिकारी होना चाहिए, जो चेक पोस्ट पर सक्रिय हों.
क्षेत्र की संवेदनशीलता के आधार पर स्टैटिक सर्विलांस टीम में केंद्रीय बलों को शामिल करना चाहिए. राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी और एसएसपी द्वारा फ्लाइंग स्क्वाॅयड और एसएसटी के गठन व प्रतिनियुक्त आदेश के विश्लेषण के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
इसमें कहा गया है कि फ्लाइंग स्क्वाॅयड में प्रतिनियुक्त 21 दंडाधिकारियों में से 17 को जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में कर दिया गया. इसी तरह स्टैटिक सर्विलांस टीम में प्रतिनियुक्त 21 दंडाधिकारियों में से तीन को सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में प्रतिनियुक्त कर दिया गया.
एसएसपी द्वारा जारी प्रतिनियुक्ति आदेश के विश्लेषण से यह पता चलता है कि स्टैटिक सर्विलांस टीम में पदस्थापित 21 पुलिस
दाधिकारियों में से 19 को सेक्टर या स्टैटिक पुलिस पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त कर दिया गया. लेकिन इसके बदले सर्विलांस टीम में किसी दूसरे पदाधिकारी को प्रतिनियुक्त नहीं किया गया. इससे यह पता चलता है कि रांची लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के दो-तीन दिन पहले से अधिकांश एसएफ और एसएसटी निष्क्रिय हो गये थे.
इससे भारतीय दंड संहिता की धारा 171बी और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 के अंतर्गत चुनावी अपराध (इलेक्टोरल ऑफेंस) और अवैध चुनावी खर्च (इललीगल इलेक्शन एक्पेंडिचर) की मॉनिटरिंग के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गयी.
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