रांची : अफीम की खेती पर अंकुश के लिए नक्सली लिंक की होगी जांच
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :08 Apr 2019 8:06 AM (IST)
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रांची : राज्य में होनेवाली अफीम की खेती और तस्करी पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण लगाने के लिए अब पुलिस बैंक एकाउंट और नक्सली लिंक की जांच करेगी. संबंधित जिले के एसपी को यह टास्क एटीएस की एसपी ए विजयालक्ष्मी ने दिया है. टास्क में कहा गया है कि अवैध अफीम की खेती और व्यापार […]
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रांची : राज्य में होनेवाली अफीम की खेती और तस्करी पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण लगाने के लिए अब पुलिस बैंक एकाउंट और नक्सली लिंक की जांच करेगी. संबंधित जिले के एसपी को यह टास्क एटीएस की एसपी ए विजयालक्ष्मी ने दिया है.
टास्क में कहा गया है कि अवैध अफीम की खेती और व्यापार से प्रभावित क्षेत्र के बैंक में जमा तथा निकासी की राशि पर निगरानी रखते हुए कार्रवाई की जाये तथा इस संबंध में जांच कर रिपोर्ट तैयार करें. जिन खातों में लगातार अधिक मात्रा में राशि जमा या निकासी की गयी है. उन पर विशेष निगरानी रखते हुए खाताधारक के आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी एकत्र करें. अफीम की अवैध खेती पर रोक लगाने के लिए इस बिंदु पर भी जांच होगी कि खेती करनेवाले को नक्सलियों का समर्थन है या नहीं. क्योंकि अधिकांश खेती नक्सल और उग्रवाद प्रभावित इलाके में ही होती है.
एटीएस और चतरा एसपी को कार्रवाई का निर्देश : चतरा में अफीम की खेती के पीछे एटीएस के अधिकारियों को पंजाब लिंक की सूचना मिली है. लिहाजा, उसके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है. एटीएस और चतरा एसपी को आपस में समन्वय बना कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.
वन क्षेत्र के इलाके में अवैध अफीम की खेती पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग के पदाधिकारियों को केस का वादी बनाने के साथ ही उनकी जिम्मेवारी तय करने का निर्णय लिया गया है. क्योंकि हजारीबाग जिला के चौपारण में मादक द्रव्य अधिनियम के तहत दर्ज केस में एनसीबी के अधिकारियों ने वन विभाग के कर्मियों से पूछताछ की थी. इस पूछताछ के बाद यह असर हुआ कि चतरा जिला में डीएफओ की सूचना पर अवैध अफीम की खेती करनेवालों पर कार्रवाई की गयी.
दूसरे राज्यों में भी होती है सप्लाई
उल्लेखनीय है कि राज्य में अवैध तरीके से अफीम की खेती मुख्यत: चतरा, खूंटी, पलामू, लातेहार, सरायकेला और रांची जिले में होती है. सूचना मिलने पर पुलिस खेती को नष्ट करने की भी कार्रवाई करती है.
झारखंड में तैयार अफीम बिहार, बंगाल, राजस्थान, पंजाब सहित दूसरे राज्यों में भेजी जाती है. पुलिस मामले में तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में अफीम बरामद चुकी है. इसके बावजूद अफीम की खेती पर अंकुश नहीं लग पाया है. यही कारण है कि इसमें अधिक मुनाफा होने की वजह से अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल होते जा रहे हैं.
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