रांची : शोभायात्रा में राजनीतिक दलों के बैनर-पोस्टर का इस्तेमाल करनेवालों पर की जायेगी कार्रवाई

Updated at : 05 Apr 2019 8:44 AM (IST)
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रांची : शोभायात्रा में राजनीतिक दलों के बैनर-पोस्टर का इस्तेमाल करनेवालों पर की जायेगी कार्रवाई

सरहुल व रामनवमी की शोभायात्रा पर भी रहेगी चुनाव आयोग की नजर रांची : सरहुल और रामनवमी की शोभायात्रा पर चुनाव आयोग की नजर रहेगी. शोभायात्रा में शामिल होने वाले राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता व उम्मीदवारों की गतिविधियों पर आयोग पैनी नजर रखेगा. शोभायात्रा में शामिल होने वाली झांकियों और उनके माध्यम से दिये गये […]

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सरहुल व रामनवमी की शोभायात्रा पर भी रहेगी चुनाव आयोग की नजर
रांची : सरहुल और रामनवमी की शोभायात्रा पर चुनाव आयोग की नजर रहेगी. शोभायात्रा में शामिल होने वाले राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता व उम्मीदवारों की गतिविधियों पर आयोग पैनी नजर रखेगा. शोभायात्रा में शामिल होने वाली झांकियों और उनके माध्यम से दिये गये संदेशों पर भी नजर रहेगी. शोभायात्रा में किसी भी राजनीतिक दल के झंडे, पोस्टर, चुनाव चिह्न या बैनर का इस्तेमाल करते पाया गया, तो उसके खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया जायेगा.
जुलूस में शामिल लोगों के लिए विभिन्न संगठनों द्वारा जगह-जगह स्वागत शिविर भी लगाया जाता है. राजनीतिक दलों द्वारा भी सेवा शिविर लगाया जाता है. इस बार आचार संहिता लागू होने के कारण राजनीतिक दलों द्वारा बैनर, पोस्टर और झंडा लगाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी.
रांची जिला आचार संहिता कोषांग की ओर से कई टीमों का गठन किया गया है. टीम के सदस्य जुलूस की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी भी करेंगे. शोभायात्रा में किसी राजनीतिक दल या किसी उम्मीदवार के पक्ष में नारे लगाये जाने या प्रचार करने पर उसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जायेगा.
शोभायात्रा में शामिल निजी वाहनों पर भी राजनीतिक दलों के बैनर और पोस्टर लगाये जाने पर आचार संहिता का मामला दर्ज किया जायेगा. चुनाव आदर्श आचार संहिता कोषांग की टीम सरहुल की शोभायात्रा पर हातमा से लेकर सिरमटोली स्थित सरना स्थल तक नजर रखेगी.
इसी प्रकार रामनवमी को निकलने वाली झांकी और सभी इलाकों से निकलने वाली शोभायात्रा पर भी नजर रखी जायेगी.रांची में आचार संहिता उल्लंघन के 11 मामले दर्ज : रांची में आचार संहिता उल्लंघन के अब तक 11 मामले दर्ज किये जा चुके हैं. ये सारे मामले राजनीतिक दलों पर दर्ज हुए हैं. लगभग सभी राजनीतिक दलों पर आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज हो चुका है.
प्रशिक्षण कार्यक्रम का डीसी ने किया निरीक्षण
रांची उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी राय महिमापत रे ने गुरुवार को लोकसभा निर्वाचन को लेकर प्रशिक्षण कोषांग की ओर से दिये जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया. जेवीएम श्यामली में प्रशिक्षण कार्यक्रम के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मतदान कर्मियों से कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के आलोक में प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
इसलिए सभी गंभीरतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करें, ताकि मतदान दिवस के दिन कार्यों का सफलतापूर्वक संचालन कर सकें. जेवीएम श्यामली में 50-50 मतदानकर्मियों को अलग-अलग बैच में प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इन्हें हैंड्स ऑन ट्रेनिंग दी जा रही है. उपायुक्त ने प्रशिक्षण सत्र में खान-पान, पेयजल, शौचालय व एम्बुलेंस की व्यवस्था का भी जायजा लिया.
रांची : चुनाव कार्य में प्रतिनियुक्त कर्मियों का मानदेय तय
रांची : लोकसभा चुनाव में प्रतिनियुक्त किये गये कर्मचारियों काे मानदेय के तौर पर 300 से 7500 रुपये मिलेंगे. इसमें बीएलओ से लेकर सुरक्षा कर्मी, अधिकारी व व्यय प्रेक्षक शामिल हैं. सबसे कम मानदेय 750 रुपये बीएलओ के लिए और सबसे अधिक 7500 रुपये मानदेय सहायक व्यय प्रेक्षक के लिए तय किया गया है.
पीठासीन अधिकारी को 1200, सुरक्षित पीठासीन पदाधिकारी को 1200, मतदान पदाधिकारी एक से तीन को 900, पुलिस कर्मचारी को 900, बीएलओ को 750, सामग्री लेने देने वाले तृतीय वर्ग के कर्मचारी को 500, चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी को 300, जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट को 1500, चिकित्सा पदाधिकारी को 2500, वाहन प्रभारी को 900, माइक्रो ऑब्जर्वर को 1200, प्रथम द्वितीय श्रेणी के अधिकारी को 1200, तृतीय श्रेणी के कर्मचारी को 1000 और सहायक व्यय प्रेक्षक को 7500 रुपये मानदेय निर्धारित किया गया है. सहायक और उप कमांडेंट को 15 दिन से कम पर 2500 और 15 दिनों से अधिक की ड्यूटी पर 1250, एएसआइ व इंस्पेक्टर को 15 दिन से कम पर 2000 और 15 दिन से अधिक पर 1000, कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल को 1500 और 750 रुपये प्रति सप्ताह प्रदान किये जायेंगे.
कर्मचारी संघ ने मानदेय घटाने का आरोप लगाया
झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने आरोप लगाया है कि पिछली बार की तुलना में इस बार मानदेय घटा दिया गया है. संघ के कार्यालय मंत्री शिवेश कुमार ने कहा है कि पिछले लोकसभा चुनाव में सेक्टर मजिस्ट्रेट को 2200, पीठासीन अधिकारी को 2000 रुपये और मतदान पदाधिकारी को 1600 रुपये का भुगतान किया गया था. इस बार मानदेय में कमी की गयी है. संघ ने मुख्य निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन पदाधिकारी से मानदेय बढ़ाने की मांग की है.
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