रांची : किताब का टेंडर फाइनल, आपूर्ति के लिए प्रकाशक को 90 दिन का समय

Updated at : 19 Mar 2019 9:25 AM (IST)
विज्ञापन
रांची : किताब का टेंडर फाइनल, आपूर्ति के लिए प्रकाशक को 90 दिन का समय

कक्षा एक से 12वीं तक के बच्चों को दी जायेगी किताब छह प्रकाशक को मिला वर्क ऑर्डर, दो को मिलना बाकी रांची : शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए स्कूली बच्चों को नि:शुल्क किताब वितरण का टेंडर फाइनल हो गया है. आठ प्रकाशकों को किताब छापने की जिम्मेदारी दी गयी है. छह प्रकाशकों को किताब छापने […]

विज्ञापन
कक्षा एक से 12वीं तक के बच्चों को दी जायेगी किताब
छह प्रकाशक को मिला वर्क ऑर्डर, दो को मिलना बाकी
रांची : शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए स्कूली बच्चों को नि:शुल्क किताब वितरण का टेंडर फाइनल हो गया है. आठ प्रकाशकों को किताब छापने की जिम्मेदारी दी गयी है. छह प्रकाशकों को किताब छापने के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है. दो प्रकाशक को चुनाव आचार संहिता के कारण वर्क ऑर्डर जारी नहीं हो सका. इसकी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. जल्द ही वर्क ऑर्डर जारी किया जायेगा. प्रकाशकों को वर्क ऑर्डर जारी होने के 90 दिन के अंदर किताब की आपूर्ति करनी है. समय पर आपूर्ति नहीं करने वाले प्रकाशकों पर फाइन किया जायेगा.
कक्षा आठ के लगभग 44 लाख बच्चों को किताब दी जायेगी. इसके अलावा कक्षा नौ से 12वीं तक की छात्राओं को भी नि:शुल्क किताब दी जायेगा. राज्य में कक्षा नौ से 12वीं तक की छात्राओं को अब तक किताब के लिए पैसा दिया जाता था. बाजार में एनसीइआरटी की किताब उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को समय पर किताब नहीं मिल पाती थी. इस कारण इस वर्ष से शिक्षा विभाग ने छात्राओं को भी किताब देने का निर्णय लिया. वर्ष 2019 से सरकारी विद्यालयों में बच्चों को नि:शुल्क मिलने वाली किताब बाजार में भी उपलब्ध करायी जायेगी, ताकि वैसे स्कूल जो सकार से मान्यता प्राप्त हैं और वहां सरकारी पाठ्यक्रम के आधार पर पढ़ाई होती है, उन बच्चों को भी किताब मिल सके.
जेसीइआरटी की देखरेख में किताब का वितरण
राज्य में अबतक किताब छपाई व वितरण का कार्य शिक्षा परियोजना की देखरेख में होता था, पर इस वर्ष किताब का वितरण झारखंड राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद (जेसीइआरटी) की देखरेख में किया जा रहा है. किताब के लिए 60 फीसदी राशि भारत सरकार व 40 फीसदी राशि राज्य सरकार देती है. इस वर्ष किताब वितरण पर 100 करोड़ से अधिक खर्च होने का अनुमान है.
बच्चों को समय पर नहीं मिल सकेगी किताब
शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से शुरू होगा, पर बच्चों को सत्र शुरू होने के साथ किताब नहीं मिल पायेगी. टेंडर प्रक्रिया में विलंब होने के कारण किताब की आपूर्ति अप्रैल के अंत तक या मई के प्रथम सप्ताह तक शुरू की जा सकेगी. ऐसे में बच्चों को मई से ही किताब मिल पायेगी. वहीं इस दौरान गर्मी की छुट्टी होने पर छुट्टी के बाद ही किताब मिलेगी.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola