पटना से कोलकाता और कोलकाता से भुवनेश्वर के बीच भी चलेगी वंदे भारत एक्सप्रेस

Updated at : 16 Feb 2019 12:14 AM (IST)
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पटना से कोलकाता और कोलकाता से भुवनेश्वर के बीच भी चलेगी वंदे भारत एक्सप्रेस

राजेश झा़ रांची : देश की पहली स्वदेशी ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस शुक्रवार से शुरू हो गयी़. इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखा कर दिल्ली से रवाना किया़. दिल्ली से ट्रेन 11 बजकर 18 मिनट पर रवाना हुई और कानपुर तीन बजकर 20 मिनट में पहुंची. वाराणसी रात 8.30 बजे ट्रेन […]

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राजेश झा़

रांची : देश की पहली स्वदेशी ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस शुक्रवार से शुरू हो गयी़. इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखा कर दिल्ली से रवाना किया़. दिल्ली से ट्रेन 11 बजकर 18 मिनट पर रवाना हुई और कानपुर तीन बजकर 20 मिनट में पहुंची. वाराणसी रात 8.30 बजे ट्रेन पहुंची.

ट्रेन दिल्ली से वाराणसी नौ घंटे 45 मिनट में पहुंची़. इस यात्रा अवधि में ट्रेन कानपुर और इलाहाबाद स्टेशन पर रुकेगी़. यह ट्रेन अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी़. ट्रेन का निर्माण चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आइसीएफ) में किया गया है. देश की सबसे तेज ट्रेन 17 फरवरी से आम लोगों को सुविधा प्रदान करेगी.
इस ट्रेन में 16 एसी कोच होंगे, जिनमें 14 चेयर कार, दो एग्जीक्यूटिव श्रेणी के डिब्बे हैं. इस ट्रेन की खासियत यह भी है कि इसमें पेपर लेस काम होगा़. इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन बीके यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे़
कितना होगा किराया : दिल्ली से वाराणसी जाने के लिए एसी कुरसी यान का किराया 1760 रुपये रखा गया है़. एग्जीक्यूटिव श्रेणी का किराया 3310 रुपये है. वहीं वापसी में एसी कुरसी यान का किराया 1700 और एग्जीक्यूटिव श्रेणी का किराया 3260 रुपये है. दोनों किराया में खान-पान का भी शुल्क शामिल है़
उभरती शक्ति का प्रतीक : रेल मंत्री पीयूष गोयल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि जब तक देश आत्मनिर्भर नहीं होगा, नयी तकनीक नहीं आयेगी, तब तक हम अंतरराष्ट्रीय शक्ति नहीं बन पायेंगे. अभी तक जो भी ट्रेनें बनती थीं, वह विदेशी तकनीक पर आधारित थीं. आइसीएफ कोच को स्वीटजरलैंड ने और एलएचबी कोच को जर्मनी ने डिजाइन किया था.
इस ट्रेन में कपलर नहीं है़ : यहां के इंजीनियर ने इस चैलेंज को स्वीकारा और 18 महीने में वंदे भारत एक्सप्रेस को तैयार किया. इसकी गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा से 250 किलोमीटर करने की योजना है. इस ट्रेन को पटना से कोलकाता और कोलकाता से भुवनेश्वर तक भी चलाने की योजना है.
सादगी से हुआ उदघाटन
वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने से पूर्व प्रधानमंत्री सहित वहां उपस्थित अधिकारियों ने पुलवामा में शहीद जवानों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा. वहीं, ट्रेन में भी किसी भी प्रकार की सजावट नहीं की गयी थी.
ट्रेन के पायलट ने कहा
ट्रेन के पायलट मनोज तिवारी ने कहा कि आज लग रहा है देश आगे बढ़ रहा है. आनेवाले दिनों में ट्रेन 20 (20 महीने में तैयार ट्रेन) की सुविधा यात्रियों को मिलेगी़, जो राजधानी को रिप्लेस किया जायेगा. पायलट केबिन में लगे स्क्रीन पर सिग्नल दिखेगा. किसी भी बोगी के यात्री ड्राइवर से सीधी बात कर सकेंगे.
ट्रेन में उपलब्ध सुविधा
ट्रेन में ऑन बोर्ड वाई-फाई, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली, खूबसूरत आंतरिक सजावट, वैक्यूम शौचालय, एलइडी लाइट, हर सीट के नीचे चार्जिंग प्वाइंट, हर सीट के नीचे रीडिंग लाइट, इंटेलिजेंट एयर कंडीशनिंग सिस्टम, दिव्यांगों के लिए व्हील चेयर के उपयोग से ट्रेन में चढ़ने की सुविधा, उनके लिए अलग शौचालय, सीसीटीवी, फायर फाइटिंग सिस्टम, स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजा. ट्रेन के डिब्बे में लगे चार डिस्प्ले बोर्ड में यात्रियों को ट्रेन की स्पीड, ट्रेन कहां पहुंची है, ट्रेन कितने समय में पहुंचेगी आदि जानकारी देने की सुविधा दी गयी है़
खासियत
  • ट्रेन अधिकतम 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी
  • 16 एसी कोच में 14 चेयर कार, दो एग्जीक्यूटिव श्रेणी के डिब्बे हैं
  • यात्रा अवधि में ट्रेन कानपुर और इलाहाबाद स्टेशन पर रुकेगी
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