हथियार सप्‍लाई करने आये पीएलएफआई के पूर्व एरिया कमांडर को रांची पुलिस ने दबोचा

Updated at : 07 Feb 2019 8:15 PM (IST)
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हथियार सप्‍लाई करने आये पीएलएफआई के पूर्व एरिया कमांडर को रांची पुलिस ने दबोचा

रांची : तुपुदाना ओपी क्षेत्र के हजाम गांव के पास पीएलएफआइ के पूर्व एरिया कमांडर और अन्य अपराधियों को हथियार खरीद-बिक्री करते हुए रांची पुलिस ने धर दबोचा. पीएलएफआइ का पूर्व एरिया कमांडर अजीम हुआरी उर्फ हिमांशु (खूंटी, लियाकत अली लेन), कैलाश महतो उर्फ लंगड़ा(तुपुदाना, हजाम), अबजद खान (तुपुदाना, डुंडीगढ़ा), साबिर खान (खूंटी, अरगोड़ी) व […]

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रांची : तुपुदाना ओपी क्षेत्र के हजाम गांव के पास पीएलएफआइ के पूर्व एरिया कमांडर और अन्य अपराधियों को हथियार खरीद-बिक्री करते हुए रांची पुलिस ने धर दबोचा. पीएलएफआइ का पूर्व एरिया कमांडर अजीम हुआरी उर्फ हिमांशु (खूंटी, लियाकत अली लेन), कैलाश महतो उर्फ लंगड़ा(तुपुदाना, हजाम), अबजद खान (तुपुदाना, डुंडीगढ़ा), साबिर खान (खूंटी, अरगोड़ी) व गोविंद नायक (तुपुदाना, हजाम) को गिरफ्तार किया गया है.

इनके पास से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किये गये हैं. बरामद हथियारों में नाइन एमएम पिस्टल, रिवाल्वर, एयर गन व दो गोली शामिल है. उनकी गिरफ्तारी एसएसबी-26 बटालियन और रांची पुलिस की टीम ने की है. इनमें से कुछ पुलिसकर्मी हथियार के खरीदार बन कर गये और उक्त अपराधियों को पकड़ लिया. यह जानकारी सिटी एसपी सुजाता वीणापाणि ने गुरुवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय में प्रेस वार्ता में दी.

सिटी एसपी ने बताया कि हथियार बेचने के लिए हजाम गांव से खूंटी की तरफ जाने वाले रास्ते पर अपराधियों के जमा होने की सूचना वरीय पुलिस अधिकारियों को मिली. उस सूचना पर एसएसबी-26 के डिप्टी कमांडेंट अनुज कुमार, वैभव सिंह परिहार, निरीक्षक भगवान प्रसाद, हटिया डीएसपी विनोद रवानी, धुर्वा थाना प्रभारी राजीव कुमार व तुपुदाना ओपी प्रभारी तारिक अनवर, पुलिस निंरजन टूडु, राजेश कश्यप तथा सशस्त्र बल की एक टीम का गठन किया गया.

उनमें से कुछ पुलिसकर्मी हथियार के खरीदार बन कर हथियार बेचने वालों के पास पहुंचे. हथियारों का मोल भाव होने लगा. इसी बीच टीम के अन्य लोगों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया और हथियार सहित उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

अजीम हुआरी उर्फ हिमांशु ने पुलिस को बताया कि पिस्टल व रिवाल्वर को वे लोग 30-35 हजार रुपये में बेचते थे. कभी इससे अधिक दाम में सौदा पट जाता था तो अधिक में भी बेच देते थे. मूल रूप से वे लोग हथियार मुंगेर से मंगाते थे. मुंगेर के मिनी गण फैक्टरी से हथियार उन तक कम कीमत में पहुंचता था. उनके पास से जब्त एयर गन वे लोग लोगों को डराने के लिए रखते थे. एयर गन देखने में .303 राइफल की तरह है.

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