रांची : लिव इन में रह रहे 132 जोड़ों का विवाह 14 को

Updated at : 13 Jan 2019 7:51 AM (IST)
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रांची : लिव इन में रह रहे 132 जोड़ों का विवाह 14 को

24 से 42 साल तक के हैं जोड़े रांची : लिव इन रिलेशनशिप में रहनेवाले 132 आदिवासी जोड़ों का विवाह निमित्त फाउंडेशन करायेगा. लिव इन में रह रहे ये जोड़े खूंटी, घाघरा, पालकोट, बसिया, गुमला, तोरपा व रांची के हैं. विवाह समारोह का आयोजन दीनदयाल उपाध्याय कॉलोनी मोरहाबादी में 14 जनवरी को किया गया है. […]

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24 से 42 साल तक के हैं जोड़े
रांची : लिव इन रिलेशनशिप में रहनेवाले 132 आदिवासी जोड़ों का विवाह निमित्त फाउंडेशन करायेगा. लिव इन में रह रहे ये जोड़े खूंटी, घाघरा, पालकोट, बसिया, गुमला, तोरपा व रांची के हैं. विवाह समारोह का आयोजन दीनदयाल उपाध्याय कॉलोनी मोरहाबादी में 14 जनवरी को किया गया है. इन जोड़ों में 75 सरना, 37 हिंदू व 20 क्रिश्चियन धर्म के माननेवाले हैं.
यह जानकारी शनिवार को फाउंडेशन की सचिव निकिता सिन्हा ने प्रेस क्लब में दी. उन्होंने कहा कि गांव में एक से अधिक औरतों के साथ भी पुरुष रह रहे हैं. मगर शादी सिर्फ उनकी करायी जायेगी, जो एक महिला के साथ हैं. इस बार 24 से 42 साल तक के जोड़ों का विवाह होगा. गृहस्थी के सामान भी तोहफे के रूप में दिये जायेंगे. समारोह में मुख्य सहयोगी हिंदुस्तान पेट्रोलियम, कोल इंडिया, प्रदान व छोटे स्तर के कई बैंक भी सपोर्ट कर रहे हैं. मौके पर निमित्त के कोषाध्यक्ष रणधीर कुमार, मनोज प्रसाद व किशोर मंत्री उपस्थित थे.
इसलिए लिव-इन में रहते हैं ये जोड़े : सचिव के अनुसार झारखंड के कई स्थानों पर लिव इन में रहने वाले जोड़े हैं. उसे उनके समाज की स्वीकृति भी प्राप्त है. दरअसल परंपरा के अनुसार किसी की शादी पर पूरे गांव को खाना खिलाना पड़ता है, जिसके बाद उन्हें विवाहित माना जाता है.
आर्थिक स्थिति दयनीय होने के कारण समाज की परंपरा निभाने में सक्षम नहीं रहने वाले काफी संख्या में झारखंड में इस प्रकार के लोग रह रहे हैं. कई जोड़े तो ऐसे हैं, जो बुजुर्ग हो चुके हैं. उनके बड़े-बड़े बच्चे भी हैं, लेकिन सामाजिक रूप से वह बिना विवाह किये साथ में रह रहे हैं. ऐसे ही जोड़ों को तलाश कर उनकी शादी करायी जा रही है.
एक हजार से ज्यादा लोग जुटेंगे इस समारोह में : फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रत्येक जोड़े के साथ 10 लोगों को लाने की व्यवस्था की गयी है.
ऐसे में डेढ़ हजार से ज्यादा लोग समारोह में शामिल होंगे. श्रीमती सिन्हा ने बताया कि बीते दो सालों में अब तक 64 लिव इन में रहनेवाले आदिवासी जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है. 24 फरवरी 2018 को जैप ग्राउंड में कराया गये विवाह समारोह में मुख्यमंत्री रघुवर दास भी पहुंचे थे.
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