रांची : रिम्स में लालू से मिले सीताराम येचुरी, कहा- गठबंधन चुनाव से पहले होगा, नेता चुनाव के बाद

Updated at : 13 Jan 2019 7:06 AM (IST)
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रांची  : रिम्स में लालू से मिले सीताराम येचुरी, कहा- गठबंधन चुनाव से पहले होगा, नेता चुनाव के बाद

रांची : मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी का कहना है कि हमेशा गठबंधन चुनाव से पहले होता है. गठबंधन का नेता चुनाव के बाद चुना जाता है. इस बार भी यही होगा. इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है. सफलता जरूर मिलेगी. इसकी रूपरेखा लगभग तय हो चुकी है. श्री येचुरी […]

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रांची : मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी का कहना है कि हमेशा गठबंधन चुनाव से पहले होता है. गठबंधन का नेता चुनाव के बाद चुना जाता है. इस बार भी यही होगा. इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है. सफलता जरूर मिलेगी. इसकी रूपरेखा लगभग तय हो चुकी है. श्री येचुरी शनिवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस से बात कर रहे थे.
उन्होंने कहा भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से दूर रखना ही विपक्षी एकता का उद्देश्य है. इसके लिए कुछ पार्टियों को त्याग भी करना पड़ सकता है. इस मुद्दे पर भी शनिवार को रिम्स में राजद नेता लालू प्रसाद से बात हुई है. श्री प्रसाद राजनीतिक गठबंधन के वर्तमान स्वरूप से खुश हैं. उन्होंने मायावती और अखिलेश की पार्टी के गठबंधन का स्वागत किया है. श्री येचुरी ने कहा कि गठबंधन धीरे-धीरे रूप लेने लगा है.
देश को नेता नहीं, नीति चाहिए
श्री येचुरी ने कहा कि भाजपा ने संस्थाओं को कमजोर कर दिया है. सीबीआइ, सीवीसी जैसी संस्थाएं इसका उदाहरण है. इससे बचाने के लिए देश को एक नीति की जरूरत है. इसके लिए भाजपा विरोधी ताकतों को एक होना होगा. वाजपेयी जी की समय में कहा जाता था कि उनका कोई विकल्प नहीं है.
लेकिन, जनता ने 10 साल तक मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया. यह हमेशा होता रहा है कि नेता चुनाव के बाद ही तय होता है. इस सरकार में कई घोटाले हुए हैं. इसे छिपाने के लिए ही सरकार ने सीबीआइ के डायरेक्टर को हरा दिया. उनको डर था कि राफेल सहित कई घोटालों से परदा उठ सकता है.
हर प्रदेश में अलग-अलग गठबंधन : श्री येचुरी ने कहा कि गठबंधन का स्वरूप हरेक राज्य में अलग-अलग होगा. यूपी में सपा-बसपा का गठबंधन हुआ है. बिहार में इस दिशा में पहल हो रहा है. झारखंड में भी भाजपा विरोधी दलों से बात होगी. वामपंथियों में सहमति बन चुकी है. केरल में स्थिति अलग होगी.
बंगाल में टीएमसी और भाजपा को सत्ता से अलग रखने के लिए गठबंधन होगा. तमिलनाडु में एआइएडीएमके के विरोध में गठबंधन होगा. जल्द ही यह अंतिम रूप में होगा. हर बार चुनाव से पहले गठबंधन होता है. इस बार भी होगा. क्या इसके नेता राहुल गांधी होंगे? श्री येचुरी ने कहा कि यह चुनाव के बाद तय होगा कि नेता कौन होगा.
बिना तैयारी के कर दिया संविधान में संशोधन
श्री येचुरी ने कहा कि सवर्णों को आरक्षण देने के मामले में सरकार ने जल्दबाजी की है. बिना तैयारी के संविधान में संशोधन कर दिया है. मंडल कमीशन 10 साल के विचार के बाद आया था. इसकी पेचिदियों को समझे बगैर राजनीतिक कारणों से संविधान में बदलाव कर दिया. आजाद हिंदुस्तान में इतना नुकसान नहीं हुआ था, जितना वर्तमान शासन में हुआ है.
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