सीआइएससीइ बोर्ड में भी 2019 से कंपार्टमेंटल परीक्षा
Updated at : 02 Dec 2018 12:53 AM (IST)
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संदीप सावर्ण, जमशेदपुर/रांची : काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआइएससीइ) में पढ़ाई कर रहे कमजोर विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है. अब अगर वे आइसीएसइ (10 वीं) या फिर आइएससी (12 वीं) की परीक्षा में फेल हो जाते हैं, तो उन्हें पास होने के लिए एक साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. सीआइएससीइ […]
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संदीप सावर्ण, जमशेदपुर/रांची : काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआइएससीइ) में पढ़ाई कर रहे कमजोर विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है. अब अगर वे आइसीएसइ (10 वीं) या फिर आइएससी (12 वीं) की परीक्षा में फेल हो जाते हैं, तो उन्हें पास होने के लिए एक साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
सीआइएससीइ बोर्ड में भी कंपार्टमेंटल परीक्षा शुरू होगी. 2019 से ही इसकी शुरुआत हो जायेगी. यह घोषणा बोर्ड के सीइअो गेरी अराथून ने कोलकाता में आयोजित प्रिंसिपल्स मीट के दौरान की. उन्होंने कहा कि कमजोर विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए यह निर्णय लिया गया है. कोलकाता में हुए प्रिंसिपल मीट में जमशेदपुर के 30 स्कूलों के प्रिंसपलों ने हिस्सा लिया. सभी शुक्रवार की देर रात शहर पहुंचे.
ये महत्वपूर्ण फैसले लिये गये
कोई विद्यार्थी नौवीं या फिर ग्यारहवीं क्लास में अगर अपने विषय को बदलना चाहते हैं, तो 15 सितंबर तक बदल सकेंगे. इसके बाद विद्यार्थी अपने विषय में बदलाव नहीं कर सकेंगे.
नौवीं, दसवीं के सिलेबस में होगा बदलाव
छठी से आठवीं तक के कोर्स को किया जायेगा री स्ट्रक्चर
इस साल आइसीएसइ व आइएससी की परीक्षा का टाइमटेबल तीन दिसंबर को जारी होगा, दुबारा इसमें कोई बदलाव नहीं होगा
इस साल से मिलेगा डिजिटल एडमिट कार्ड
2019 से बोर्ड के सभी शिक्षक-शिक्षिकाअों को ट्रेनिंग लेना होगा अनिवार्य
कॉपियों के मूल्यांकन में गड़बड़ी न हो, इसलिए इस साल सभी शिक्षकों को मूल्यांकन से पूर्व दी जायेगी कॉपी जांचने की ट्रेनिंग
कौन दे सकेंगे परीक्षा
कंपार्टमेंटल परीक्षा हर साल जुलाई के तीसरे सप्ताह में होगी, जबकि रिजल्ट अगस्त में आयेगा. 12वीं क्लास के वे छात्र जो इंग्लिश और अन्य दो विषय क्लियर कर चुके हैं और किसी कारण से चौथे विषय में फेल हैं, वे परीक्षा दे सकेंगे. 10वीं क्लास के वे छात्र जो इंग्लिश और तीन अन्य विषय में पास हैं, लेकिन पांचवें विषय में फेल हो गये हैं, उन्हें परीक्षा देने का मौका मिलेगा.
हर विषय का अलग-अलग मिलेगा नंबर
सीआइएससीइ बोर्ड की अोर से आयोजित प्रिंसिपल मीट में बताया गया कि आइसीएसइ के छात्र अब हर विषय का अलग-अलग नंबर भी जान सकेंगे. पहले उनको औसत नंबर बताया जाता था. यानी अब तक कोई छात्र अगर साइंस की परीक्षा में शामिल होते थे, तो उन्हें साइंस में अधिकतम 100 नंबर दिये जाते थे, लेकिन उन्हें बायोलॉजी, फिजिक्स या फिर केमेस्ट्री में कितने अंक मिले, इसकी जानकारी नहीं दी जाती थी. लेकिन 2019 से ऐसा नहीं होगा.
अब छात्र इन तीनों पेपर के अलग-अलग नंबर भी जान सकेंगे. इसी प्रकार छात्र इंग्लिश के दो पेपर लैंग्वेज और लिटरेचर का नंबर अलग-अलग जान सकेंगे. सोशल साइंस में भी हिस्ट्री, सिविक्स व ज्योग्राफी के अंक अलग-अलग दिये जायेंगे.
सोशल साइंस के करिकुलम में होगा बदलाव
सीआइसीएसइ बोर्ड का संचालन भारत के साथ विदेशों के स्कूलों में भी किया जाता है. बच्चों को पढ़ायी जाने वाली सोशल साइंस के करिकुलम में हिस्ट्री, सिविक्स व ज्योग्राफी के पाठ्यक्रम को नये सिरे से डिजाइन करने की तैयारी की गयी है.
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