झारखंड की बेटी दिल्ली में हुई दरिंदगी की शिकार, स्थिति गंभीर, इलाज जारी

Updated at : 09 Oct 2018 7:00 AM (IST)
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झारखंड की बेटी दिल्ली में हुई दरिंदगी की शिकार, स्थिति गंभीर, इलाज जारी

रांची : दिल्ली से रेस्क्यु कराकर लायी गयी गाेड्डा जिले के कुसुमघाटी की रहनेवाली पहाड़िया जाति की नाबालिग बच्ची की स्थिति गंभीर हो गयी है. बच्ची दिल्ली में दरिंदगी की शिकार हुई है. रिम्स के मेडिसिन विभाग में डॉ बी कुमार की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है. इलाज कर रहे डॉक्टरों की मानें, […]

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रांची : दिल्ली से रेस्क्यु कराकर लायी गयी गाेड्डा जिले के कुसुमघाटी की रहनेवाली पहाड़िया जाति की नाबालिग बच्ची की स्थिति गंभीर हो गयी है. बच्ची दिल्ली में दरिंदगी की शिकार हुई है. रिम्स के मेडिसिन विभाग में डॉ बी कुमार की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है.
इलाज कर रहे डॉक्टरों की मानें, तो लड़की की स्थिति चिंताजनक है. वह कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित है. उसे लगातार झटके आ रहे हैं. डॉक्टरों ने उसका सीटी स्कैन भी कराया है, लेकिन झटके आने का सही कारण अब तक पता नहीं चल पा रहा है. वहीं, उसमें टीबी के लक्षण भी पाये गये हैं.
आज मेडिकल बोर्ड लेगा निर्णय : इधर, बच्ची की स्थिति व उसके इलाज पर निर्णय लेने के लिए मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ जेके मित्रा ने मंगलवार दोपहर 1:30 बजे मेडिकल बोर्ड की बैठक बुलायी है.
बैठक में सभी सदस्यों को आमंत्रित किया गया है. इसमें मेडिसिन, स्त्री विभाग, हड्डी, इएनटी, न्यूरो सर्जरी के विशेषज्ञ चिकित्सकों को शामिल होने को कहा गया है. चिकित्सक निर्णय लेंगे कि उसका इलाज रिम्स में किया जाये या बेहतर इलाज के लिए एम्स या हायर सेंटर भेजा जाये. गौरतलब है कि विगत शुक्रवार को झटका आने के कारण उसकी जीभ कट गयी थी. डॉक्टरों का यह भी मानना है लड़की को काफी प्रताड़ित किया गया है.
उसके जीभ में किसी प्रकार पिन लगा दिया गया होगा, जिससे वह बोल नहीं पाये. पिन के कारण ही उसका जीभ चोटिल हो गयी थी. झटका आने के बाद जीभ कट कर बाहर आ गयी.
रिम्स अधीक्षक से मिलीं आयोग की अध्यक्ष : राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर ने सोमवार को रिम्स अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप से मुलाकात की. उन्होंने पहाड़िया लड़की की स्थिति की जानकारी प्राप्त की.
इलाज की समुचित व्यवस्था का निर्देश दिया. उन्हाेंने इलाज कर रहे डॉक्टरों से पूछताछ की और कहा कि आप लोग गंभीर से गंभीर मरीज की जान बचा लेते हैं. रिम्स में सैकड़ों मरीजाें को स्वस्थ होकर जाते मैंने देखा है. ऐसे में इस लड़की के लिए भी आपलोगाें से काफी उम्मीद है.
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