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रांची : लाभुकों ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी ने हमें दे दी जिंदगी की सौगात

Updated at : 24 Sep 2018 6:42 AM (IST)
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रांची : लाभुकों ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी ने हमें दे दी जिंदगी की सौगात

नरेंद्र मोदी से पीएम गोल्डेन कार्ड पाकर लाभुकों ने कहा रांची : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रभात तारा मैदान में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभुकों को गोल्डेन कार्ड मंच से प्रदान किया. पीएम ने ऐसे पांच लाभुकों को कार्ड दिया. लाभुकों ने कहा कि पीएम ने, तो हमें जिंदगी की […]

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नरेंद्र मोदी से पीएम गोल्डेन कार्ड पाकर लाभुकों ने कहा
रांची : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रभात तारा मैदान में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभुकों को गोल्डेन कार्ड मंच से प्रदान किया. पीएम ने ऐसे पांच लाभुकों को कार्ड दिया. लाभुकों ने कहा कि पीएम ने, तो हमें जिंदगी की सौगात दे दी. इसके साथ ही लाभुक इस बात से खुश थे कि प्रधानमंत्री ने उन्हें अपने हाथों से मंच पर कार्ड दिया.
झाड़ू पोछा लगा कर जीवन-यापन करती हूं
मंजू हेंब्रम ने कहा कि वह बिरसा चौक में रहती है. उसके पति मजदूरी करते हैं और वह खुद घरों में झाड़ू-पोछा लगाने का काम करती है. चार बच्चे भी हैं. वह कहती है कि कभी ये बच्चा बीमार, तो कभी वो बच्चा और कभी खुद बीमार हो जाती है. इसके कारण हमेशा चिंता रहती थी कि कैसे इलाज करायेंगे. अब प्रधानमंत्री ने पीएम जय योजना का कार्ड दे दिया है, तो लगता है कि पीएम ने हमें जिंदगी की सौगात दे दी है.
अब चिंता नहीं, पैरों का इलाज करा सकूंगी
पीएम ने रूबी रानी परवीन को भी गोल्डेन कार्ड दिया. उसने बताया कि दवा के रिएक्शन के कारण दोनों पैरों से विकलांग हो गयी. डॉक्टर ने करीब 75 हजार रुपये का खर्च बताया है. उसे चिंता थी कि कैसे पैसे का जुगाड़ होगा. पर प्रधानमंत्री ने एक झटके में चिंता दूर कर दी. गोल्डेन कार्ड देते हुए पीएम ने पूछा कैसी हो बेटी रूबी. मैंने कहा जी ठीक हूं. रुबी ने कहा कि पैरों का अॉपरेशन करायेगी ताकि फिर से चल-फिर सके.
पांकी उदयपुरा निवासी चंदन कुमार को भी प्रधानमंत्री ने कार्ड सौंपा. उसने कहा कि उसके पिता सकलदेव राम हैं. परिवार में कुल नौ लोग हैं. अब कार्ड मिल गया है तो किसी के इलाज की चिंता नहीं है. चंदन ने कहा कि मैं सौभाग्यशाली हूं कि पीएम ने अपने हाथों से मुझे कार्ड दिया. यह कार्ड ही नहीं मेरे परिवार का जीवन रक्षक है. कभी बीमारी जैसी मुसीबत आयेगी तो कार्ड से इलाज हो जायेगा.
वैशाखी नहीं, अपने पैरों पर चल सकूंगा
मुकेश कुमार दोनों पैरों से विकलांग है. वैशाखी के सहारे चलता है. डॉक्टरों ने अॉपरेशन में 80 हजार रुपये खर्च बताया है. इतनी बड़ी राशि की जुगाड़ करना ही मुश्किल काम था. लेकिन गोल्डेन कार्ड मिल जाने से अब मुकेश का इलाज हो सकेगा. उसने कहा कि पीएम द्वारा दिया गया यह गोल्डेन कार्ड उसके लिए वरदान है. अब तक वैशाखी के सहारे चलता था. अब लगता है कि इलाज के बाद अपने पैरों पर खड़ा हो सकूंगा.
अब इलाज के लिए घबराने की जरूरत नहीं
लाभुक पूनम देवी ने भी पीएम के हाथों गोल्डेन कार्ड लिया. उन्होंने कहा कि वह इटकी में रहती है. उसके छह बच्चे हैं. पति की मौत हो चुकी है.
बच्चों के लालन-पालन की चिंता रहती है. जब कभी बच्चे बीमार हो जाते हैं, तो और भी चिंता बढ़ जाती है कि कैसे इलाज होगा. अब सारी चिंता दूर हो गयी हैं. अब घबरायेंगे नहीं कि कैसे इलाज कराना है, क्योंकि सरकार अब चिंता कर रही है. प्रधानमंत्री ने ऐसा कार्ड दिया है कि अब कहीं भी इलाज करा सकते हैं.
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