रांची : हम जैसे हैं, वैसे ही प्रस्तुत होना आर्जव धर्म : आचार्य
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :17 Sep 2018 8:01 AM (IST)
विज्ञापन

पर्यूषण पर्व का तीसरा दिन रांची : छल-कपट मायाचारी से रहित धर्म ही उत्तम आर्जव धर्म है. किसी व्यक्ति का क्रोध एवं अहंकार का तो आसानी से पता चल जाता है, लेकिन मायाचारी किसी को दिखायी नहीं देती है. यह बातें आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज ने कही. वह दिगंबर जैन समाज के […]
विज्ञापन
पर्यूषण पर्व का तीसरा दिन
रांची : छल-कपट मायाचारी से रहित धर्म ही उत्तम आर्जव धर्म है. किसी व्यक्ति का क्रोध एवं अहंकार का तो आसानी से पता चल जाता है, लेकिन मायाचारी किसी को दिखायी नहीं देती है. यह बातें आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज ने कही. वह दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में पर्वराज पर्यूषण के तहत रविवार को आयोजित धर्मसभा में बाेल रहे थे.
उन्होंने कहा कि हम जैसे हैं, वैसे ही प्रस्तुत होना आर्जव धर्म है. जिसने आर्जव धर्म को समझ लिया, वह सबकुछ समझ गया. कपट को छोड़ सरलता का भाव आ जाना ही आर्जव धर्म है.
इससे पूर्व पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन सुबह पांच बजे आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज के सान्निध्य में श्रावक संस्कार शिविर के तहत ध्यान का कार्यक्रम हुआ. इसके बाद सुबह 5.45 बजे भगवान जिनेंद्र देव का सामूहिक अभिषेक एवं नित्य नियम पूजन दोनों मंदिरों में हुए. संगीतकार हेमंत सेठी एवं डॉ गुंजा दीदी के सान्निध्य में सैकड़ों श्रद्धालु ने सामूहिक पूजा-अर्चना की. रात के आठ बजे फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










