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टीम लेकर रात आठ बजे हिंदपीढ़ी पहुंचे सिविल सर्जन, घर-घर ढूंढ़ रहे थे मरीज

Updated at : 04 Aug 2018 4:39 AM (IST)
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टीम लेकर रात आठ बजे हिंदपीढ़ी पहुंचे सिविल सर्जन, घर-घर ढूंढ़ रहे थे मरीज

शहर में चिकनगुनिया और डेंगू फैलने से सकते में स्वास्थ्य विभाग हिंदपीढ़ी में चिकनगुनिया के 36 मरीज और डेंगू के दो मरीजों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग सकते में है. अचानक पूरा सरकारी अमला सक्रिय हो गया है. मामले की सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ वीवी प्रसाद अपनी टीम लेकर शुक्रवार रात आठ बजे […]

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शहर में चिकनगुनिया और डेंगू फैलने से सकते में स्वास्थ्य विभाग

हिंदपीढ़ी में चिकनगुनिया के 36 मरीज और डेंगू के दो मरीजों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग सकते में है. अचानक पूरा सरकारी अमला सक्रिय हो गया है. मामले की सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ वीवी प्रसाद अपनी टीम लेकर शुक्रवार रात आठ बजे हिंदपीढ़ी पहुंच गये. टीम ने हिंदपीढ़ी इलाके के कुर्बान चौक, निजाम नगर, ग्वाला टोली, मुजाहिद नगर का दौरा किया और घर-घर जाकर बीमार लोगों के बारे में पूछताछ की.
रांची : हिंदपीढ़ी इलाके में डेंगू और चिकनगुनिया फैलने की सूचना पाकर शुक्रवार रात यहां पहुंची टीम ने लोगों से बीमारी के बाबत जानकारी हासिल की. लोगों ने बताया कि उन्होंने करीब 15 दिन पहले तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ शिवशंकर हरिजन को एक साथ कई लोगों के बीमार होने की सूचना दी थी. उन्हें बताया गया था कि बीमार लोगों में चिकनगुनिया, मलेरिया और डेंगू के लक्षण दिखायी दे रहे हैं. इसके बावजूद तत्कालीन सिविल सर्जन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया.
इधर, इस मामले में पहल करनेवाली शहर की स्वयंसेवी संस्था ‘लहू बोलेगा’ के सदस्य डॉ असलम ने बताया कि उनकी टीम ने पहले ही सिविल सर्जन को आगाह कराया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी. इसके बाद उनकी टीम ने रिम्स से जांच कराने का आग्रह किया. अगर समय पर सिविल सर्जन द्वारा जांच करायी गयी होती, तो यह बीमारी विकराल रूप नहीं ले लेती.
जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम से आग्रह : ‘लहू बोलेगा’ संस्था की ओर से डॉ असलम ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र हिंदपीढ़ी, चर्च रोड, मेन रोड, कर्बला चौक, आजाद बस्ती, थड़पखना, डोरंडा, कडरू, पुरानी रांची, गाड़ीखाना और चुटिया का भ्रमण कर यह पता लगाया जाये कि और कितने लोग बीमार हैं. नगर निगम पूरे शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करे. साथ ही फॉगिंग मशीन का उपयोग किया जाये और हर इलाके में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जाये. शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था की जाये. उपायुक्त से आग्रह है कि वे इलाके में शिविर लगाकर लोगों के इलाज की व्यवस्था करायें.
विभाग ने दिखायी होती गंभीरता, तो नहीं फैलती बीमारी
लोगों ने कहा : 15 दिन पहले तत्कालीन सिविल सर्जन को दी थी बीमारी फैलने की जानकारी
बीमारी के लक्षण बताने पर भी उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया और न ही इलाके में कोई टीम भेजी
अपनी टीम के साथ शुक्रवार रात हिंदपीढ़ी पहुंचे सिविल सर्जन डॉ वीवी प्रसाद जिस भी घर में जा रहे थे, वहां कोई न कोई बीमार मिल रहा था.
स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार रात से ही हिंदपीढ़ी में एक एंबुलेंस तैनात कर दी है, ताकि अगर किसी की तबीयत बिगड़े, तो तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया जा सके.
चिकनगुनिया और डेंगू के लक्षण और बचाव
लक्षण : बुखार Â मांसपेशी में दर्द जोड़ों में दर्द सिर में दर्द शरीर में लाल-लाल चकत्ते.
बचाव : मच्छर काटने से अपने को बचायें सफाई का ख्याल रखें Â घर और आसपास में रखे पात्र में
पानी नहीं जमने दें.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
मच्छर के काटने के दो से चार दिन बाद यह शरीर में फैलता है. इसका मच्छर साफ ठहरे हुए पानी में पैदा होता है. 50 फीसदी मरीजों में जोड़ों में दर्द होता है. यह तीन माह से लेकर साल भर तक चल जाता है. चिकनगुनिया की आंशका होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें.
डॉ डीके झा, फिजिसियन, रिम्स
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