रांची : कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह ने कहा, बारिश व धनरोपनी पर सरकार की नजर, 31 के बाद तय होगी रणनीति
Author Prabhat khabar digital desk
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रांची : राज्य के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के मंत्री रणधीर कुमार सिंह, सचिव पूजा सिंघल व निदेशक रमेश घोलप ने बताया कि खरीफ मौसम में लगाये गये फसलों की स्थिति पर सरकार की नजर है. 16 जुलाई तक सामान्य से कम वर्षा होने के कारण खरीफ फसल की बाेआई पर खराब असर पड़ा […]
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रांची : राज्य के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के मंत्री रणधीर कुमार सिंह, सचिव पूजा सिंघल व निदेशक रमेश घोलप ने बताया कि खरीफ मौसम में लगाये गये फसलों की स्थिति पर सरकार की नजर है. 16 जुलाई तक सामान्य से कम वर्षा होने के कारण खरीफ फसल की बाेआई पर खराब असर पड़ा है. पर अभी स्थिति इतनी खराब नहीं है कि किसान चिंतित हो जाये. सरकार हर स्थिति पर नजर रख रही है.
31 जुलाई तक झारखंड में धनरोपनी का काम होता है. अगर इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरी, तो आगे की रणनीति पर विचार किया जायेगा. जिलों से आकस्मिक फसल योजना मांगी गयी है. कुछ जिलों ने भेज दिया है, कुछ जिले एक-दो दिनों में भेज देंगे. मंत्री और अधिकारी मंगलवार को सूचना भवन में राज्य की वर्तमान खेती की व्यवस्था पर मीडिया से बात कर रहे थे.
मंत्री श्री सिंह ने बताया कि गढ़वा, कोडरमा और जामताड़ा जिले मेें वर्षा की स्थिति चिंताजनक है. यहां आकस्मिक फसल के लिए जिले के अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है.
आपदा प्रबंधन विभाग के साथ समन्वय बना कर कार्य किया जा रहा है. किसानों की सहायता के लिए राज्य में किसान कॉल सेंटर 24 घंटे कार्य करेगा. किसानों को कम वर्षा की स्थिति में ऐसे फसल लगाने की सलाह दी गयी है, जिसमें कम पानी की आवश्यकता होती है. रोपा नहीं होने पर वैकल्पिक फसल के रूप में मक्का, अरहर, उड़द, मड़ुआ, कुल्थी और सरगुजा लगाने की सलाह दी गयी है.
उन्होंने बताया कि अब तक पूरे राज्य में करीब 10.59 फीसदी खेतों में ही रोपा हुआ है. पिछले साल करीब 16 फीसदी, 2016-17 में 10.41 फीसदी और 2015-16 में करीब 14.92 फीसदी खेतों में 16 जुलाई तक रोपा हो पाया था.
इससे स्पष्ट है कि स्थिति पूर्व की वर्षों की तुलना में खराब नहीं है. बारिश पूर्व की वर्षों की तुलना में कम हुई है. जून में इस वर्ष करीब 131.8 मिमी बारिश हुई, पिछले साल करीब 97 मिमी हुई थी. इस वर्ष जुलाई में अब तक बारिश कम हुई है. पिछले साल 16 जुलाई तक 166.9 मिमी बारिश हुई थी. इसकी तुलना में इस साल करीब 92.7 मिमी बारिश हुई है. उन्होंने कहा कि अगर 15 दिनों में मॉनसून मजबूत रहा, तो बारिश की कमी पूरी हो जायेगी. किसान अपने खेतों में रोपा भी कर लेंगे.
90 हजार क्विंटल धान बीज का वितरण हुआ : मंत्री ने बताया कि चालू खरीफ मौसम में राज्य में 90 हजार क्विंटल धान बीज का वितरण हुआ है. 662.5 क्विंटल सोयाबीन, 2262 क्विंटल मक्का, 70 क्विंटल ज्वार, 665 क्विटंल मूंग, 4568 क्विटंल उरद का वितरण अनुदानित दर पर किया गया है. विशेष फसल योजना के तहत शत-प्रतिशत अनुदान पर 12,202 क्विंटल मूंगफली किसानों को दिया गया है
अकांक्षी जिलों में किसानों के बीच मिनीकिट के रूप में 220 क्विंटल मूंगफली, 4560 क्विंटल सोयाबीन, 1992 क्विटंल मूंग और 975 क्विंटल धान बीज का वितरण किया गया है.
कृषि मंत्री रंधीर सिंह ने कहा कि राज्य में इस वर्ष 16 जुलाई तक सामान्य से कम वर्षा होने के कारण खरीफ फसल की बुआई पर खराब असर पड़ा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 17 जुलाई तक 40.2 मि0मी0 कम वर्षा हुई है. राज्य सरकार वर्षा की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। 15 अगस्त तक वर्षापात की स्थिति नहीं सुधरती है तब सरकार वैकल्पिक फसल लगाने के लिये किसानों को बीज और अन्य आवष्यक सहायता उपलब्ध करायेगी। वे आज सूचना भवन सभागार में मीडिया को संबोधित कर रहे थे
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