हजारीबाग : 1935 में राजस्थान से आया था महेश्वरी परिवार, 6 सदस्यों की मौत, पुलिस को सौंपी गयी पोस्टमार्टम रिपोर्ट

Updated at : 16 Jul 2018 7:53 AM (IST)
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हजारीबाग : 1935 में राजस्थान से आया था महेश्वरी परिवार, 6 सदस्यों की मौत, पुलिस को सौंपी गयी पोस्टमार्टम रिपोर्ट

हजारीबाग : हजारीबाग शहर के खंचाजी तालाब के निकट सीडीएम शुभम अपार्टमेंट में रहने वाले महेश्वरी परिवार के छह सदस्यों की मौत के बाद पुलिस की जांच शुरू हो गयी है. बताया जाता है कि महेश्वरी परिवार के पूर्वज 1935 में राजस्थान से हजारीबाग आये थे़ जानकारी के मुताबिक घटनास्थल पर डीआइजी पंकज कंबोज, एसपी […]

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हजारीबाग : हजारीबाग शहर के खंचाजी तालाब के निकट सीडीएम शुभम अपार्टमेंट में रहने वाले महेश्वरी परिवार के छह सदस्यों की मौत के बाद पुलिस की जांच शुरू हो गयी है. बताया जाता है कि महेश्वरी परिवार के पूर्वज 1935 में राजस्थान से हजारीबाग आये थे़
जानकारी के मुताबिक घटनास्थल पर डीआइजी पंकज कंबोज, एसपी मयूर पटेल समेत कई पुलिस पदाधिकारी पहुंचे. पुलिस ने जांच के बाद सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. वहीं घर के सामान से किसी को भी छेड़छाड़ से मना किया.
पुलिस ने अपार्टमेंट के फ्लैट में लगभग पांच घंटे तक जांच की. इसके बाद फोरेंसिक टीम पहुंची और छत के ऊपर रखे टूल, कूलर के ऊपर रखे ब्लेड, चादर, फंदा, सोफा और वास बेसिन में नल पर हाथ के निशान के नमूने को लिया.
कई सामान को पुलिस ने लिया कब्जे में
घटनास्थल पर डीएसपी चंदन वत्स, प्रशिक्षु डीएसपी पवन कुमार, इंस्पेक्टर अवधेश सिंह सुबह 6.30 बजे से थे. घटनास्थल सभी सामान की जांच की गयी. एक लाउंड्री बैग में चादर, ब्लेड, साडी और कई सामान जांच के लिए साथ ले गये. घर के लोगों के मोबाइल को भी जब्त किया गया है.
इसके बाद सीआइडी टीम के प्रभारी एसआइ सहदेव प्रसाद भी जांच के लिए पहुंचे. उन्होंने कहा कि फांसी के फंदे में झटका के लिए साढ़े चार किलो वजन की जरूरत होती है. पहली नजर मेंजांच में पारसियल हैंगिंग का मामला लगता है.
किया गया पोस्टमार्टम
डॉ एके रंजन, डॉ वीएन प्रसाद और डॉ संजीव कुमार की मेडिकल टीम ने सभी छह शवों का पोस्टमार्टम किया. प्रथम दृष्टया पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी डॉक्टरों ने पुलिस को दी है. पुलिस ने अनुसंधान शुरू कर दिया है. इसमें घटना का समय, इथर के इस्तेमाल व बीमारी संबंधी जानकारी समेत फांसी के फंदे से शरीर को नुकसान की जानकारी दी गयी है.
सभी का अंतिम संस्कार
महेश्वरी परिवार के छह सदस्यों का अंतिम संस्कार रविवार शाम मुक्तिधाम खिरगांव में हुआ. भतीजा राहुल महेश्वरी ने सभी को मुखाग्नि दी. अंतिम संस्कार में समाज के लोग, व्यवसायी और शहरवासी शामिल हुए. रांची लालपुर से भी काफी संख्या में महेश्वरी समाज के लोग पहुंचे थे.
अग्रसेन भवन में 16 जुलाई को शाम तीन बजे शोकसभा का आयोजन किया गया है. इसके बाद समाज के लोग पुलिस से घटना की जांच की मांग करेंगे.
छह लोगों की मौत के कारणों की जांच की जा रही है. पांच लोगों की हत्या हुई है या आत्महत्या का मामला है, इसका भी अनुसंधान हो रहा है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नरेश महेश्वरी या उनका परिवार किसी परेशानी में तो नहीं थी. पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है.
मयूर पटेल कन्हैयालाल, एसपी
घटना हत्या है या आत्महत्या उठ रहे हैं कई सवाल
शुभम अपार्टमेंट में कुल 16 फ्लैट हैं. अपार्टमेंट में करीब 100 लोग रहते हैं. इतने लोगों में से किसी को भी घटना के समय या कारण की जानकारी नहीं मिली. सुबह करीब छह बजे अपार्टमेंट के लोगों को घटना की जानकारी मिली.
चार मंजिला अपार्टमेंट के नीचे व्यवसायी नरेश महेश्वरी का शव पड़ा था. चौथे तल्ले के ऊपर छत पर दो प्लास्टिक के टूल रखे हुए थे. संभावना जतायी जा रही है कि इसी टूल पर चढ़ कर नरेश महेश्वरी ने नीचे छलांग लगायी होगी, लेकिन जहां नरेश का शव पड़ा हुअा था, उसे देख नहीं लगता है कि 70 फीट ऊपर से छलांग लगाया हुआ है. लगता है किसी ने लिटाया. सर पर कहीं चोट के निशान नहीं थे. सिर्फ हाथ टूटा हुआ था. पैर के तलवे में दो जख्म थे, जिससे खून निकलने के निशान थे.
नरेश महेश्वरी के पैर के दोनों तलवे में जख्म के निशान थे, जबकि छत से नीचे तक कहीं कोई रॉड या कांटी नहीं निकला हुआ है. टूल पर भी खून का निशान नहीं है.
महावीर महेश्वरी का शव जिस फंदे से लटका हुआ था, उसका पैर बेड से टीका हुआ था. घुटना मुड़ा हुआ था. फंदे में झूलने से मौत हुई है ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा है.
किरण महेश्वरी का शव फंदे से लटका हुआ था. किरण का सिर छत की ओर उठा हुआ है. फंदे में गर्दन फंसने पर सिर नीचे या बांया-दांया नहीं दिख रहा है.
प्रीति अग्रवाल का शव बेड पर था. गले में साड़ी का फंदा था. बेड पर गले में फंदा मौत को और रहस्यमय बनाता है.
बच्ची आनवी उर्फ परी के मुंह से झाग निकला हुआ था.
बेटा अमन अग्रवाल का गला रेता हुआ है. इससे साफ प्रतीत होता है कि उसकी हत्या की गयी है.
छह लिफाफा में दो लोगों का अलग-अलग लिखावट है. इसमें चार लोगों का हस्ताक्षर है.
दो लिफाफे में लिखा है कि बेटा अमन को लटका नहीं सकते थे, इसलिए हत्या की गयी. लेटर में बेटी का कोई जिक्र नहीं है.
फंदे से लटका कर मारने से ज्यादा दर्दनाक हत्या गला काट कर कोई कैसे कर सकता है.
इथर का बोतल बंद है. ढक्कन ठीक से लगा हुआ है. इथर घर में कैसे आया, यह सवालों के घेरे में है.
अमन का गला जिस ब्लेड से काटा गया है, वह ब्लेड साफ-सुथरा कूलर के ऊपर रखा हुआ है. जहां खून का निशान है.
फ्लैट का पावर ऑफ एटर्नी बरामद होना भी सवाल उठाता है.
अपार्टमेंट के गार्ड का एक दिन पहले छुट्टी पर जाना.
नरेश महेश्वरी की दुकान, कारोबार व आर्थिक लेखा जोखा का रजिस्टर.
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