रांची : 11 जिलों में ऑप्टिकल फाइबर लगाने का काम ठप, 4402 में सिर्फ 1300 पंचायतों में बिछा केबल
Updated at : 09 Jul 2018 8:27 AM (IST)
विज्ञापन

रांची : राज्य के कुल 11 जिलों में फाइबर अॉप्टिकल नेटवर्क लगाने का काम अभी शुरू भी नहीं हुआ है. नेशनल अॉप्टिकल फाइबर नेटवर्क (एनअोएफएन) परियोजना के तहत आम लोगों को सरकारी व गैर सरकारी योजनाअों से संबंधित डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अॉप्टिकल फाइबर केबल (अोएफसी) पंचायत भवनों तक बिछाया जाना है. इसका […]
विज्ञापन
रांची : राज्य के कुल 11 जिलों में फाइबर अॉप्टिकल नेटवर्क लगाने का काम अभी शुरू भी नहीं हुआ है. नेशनल अॉप्टिकल फाइबर नेटवर्क (एनअोएफएन) परियोजना के तहत आम लोगों को सरकारी व गैर सरकारी योजनाअों से संबंधित डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अॉप्टिकल फाइबर केबल (अोएफसी) पंचायत भवनों तक बिछाया जाना है.
इसका लक्ष्य नेशनल टेलीकॉम पॉलिसी-2012 के तहत ग्राम पंचायतों को हाइ स्पीड व हाइ क्वालिटी ब्रॉडबैंड उपलब्ध करा कर इसकी सहायता से ई-गवर्नेंस, मोबाइल गवर्नेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि व पर्यटन संबंधी तथा अन्य सेवाएं ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराना है. पर अभी राज्य की कुल 4402 पंचायतों में से करीब 1300 तक ही केबल बिछाये गये हैं. ये केबल इन 13 जिलों में बिछाये गये हैं, जहां भारत सरकार की अोर से स्पेशल परपस ह्वेकिल (एसपीवी) के रूप में भारत ब्रॉडबैंड निगम लिमिटेड (बीबीएनएल) यह काम कर रहा है.
हालांकि इन 13 जिलों में करीब 2800 पंचायत हैं. इस तरह यहां का काम भी धीमा है. उधर, शेष 11 जिलों में करार के तहत यह काम राज्य सरकार को कराना है, केंद्र सरकार इसके लिए धन मुहैया करायेगी. पर इन 11 जिलों में अभी अोएफसी बिछाने का काम शुरू भी नहीं हुआ है. इस राष्ट्रीय परियोजना के पूरा होने में सिर्फ यही अकेली बाधा नहीं है. एनअोएफएन का टर्मिनल उपकरण स्थापित करने के लिए सभी पंचायत भवनों में 100 वर्ग फुट की जगह सरकार की अोर से बीबीएनएल को उपलब्ध कराना है.
इधर, ताजा रिपोर्ट के मुताबिक राज्य की 1996 पंचायतों में ही ये उपकरण लगाने के लिए अलग से कमरा उपलब्ध है. यानी 2406 पंचायतों में भवन निर्माणाधीन होने सहित अन्य कारणों से उपकरणों के लिए स्थान उपलब्ध नहीं है. दरअसल, 2015 में एनअोएफएन के लिए निकले संकल्प के बाद तीन वर्षों में इस परियोजना को पूरा हो जाना था, पर अभी करीब 35 फीसदी काम ही हुआ है. हालांकि आइटी से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार देश भर में इस काम की यही स्थिति है.
काम की जिम्मेदारी किसकी
जिन 13 जिलों में काम चल रहा है, वहां इस परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) व इ-गवर्नेंस विभाग के दिनांक 2.12.15 के संकल्प के अनुसार संबंधित जिले के उपायुक्त की है. उपायुक्त या उनके द्वारा नामित पदाधिकारी इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा समय-समय पर करेंगे तथा बीबीएनएल को पूरा सहयोग करेंगे. ग्रामीण विकास विभाग, स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग तथा अाइटी विभाग के सचिव भी समय-समय पर इसकी समीक्षा करेंगे तथा इसकी प्रगति राज्य हित में सुनिश्चित करेंगे.
कुल 13 जिले जहां एनअोएफएन का काम जारी है : बोकारो, रामगढ़, कोडरमा, हजारीबाग, साहेबगंज, रांची, देवघर, धनबाद, पू सिंहभूम, गिरिडीह, लातेहार, लोहरदगा व पलामू.
जिन 11 जिलों में काम शुरू नहीं : चतरा, दुमका, गढ़वा, गोड्डा, गुमला, जामताड़ा, खूंटी, पाकुड़, सरायकेला, सिमडेगा व प सिंहभूम.
पंचायतों में आइटी (अन्य सुविधाअों सहित)
कुल पंचायत : 4402
जहां बिजली है : 2223
जहां जेनरेटर है : 2902
जहां सोलर पावर है : 2143
जहां कंप्यूटर उपलब्ध है : 3893
जहां इंटरनेट सुविधा है : 1721
जहां प्रज्ञा केंद्र हैं : 2827
एनअोएफएन के उपकरणों के लिए जहां जगह है : 1996
जिन जगहों पर अॉप्टिकल फाइबर केबल बिछा है : 1300
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




