सांसद रवींद्र राय ने विधायकों की खरीद फरोख्त के आरोप को बताया बेबुनियाद, कहा

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 08 Jul 2018 3:30 AM

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रांची : प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सह कोडरमा सांसद डॉ रवींद्र राय ने झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी की ओर से शुक्रवार को जारी किये गये उस पत्र को फर्जी बताया है, जिसमें दल-बदल को लेकर छह विधायकों को करोड़ों रुपये देने का आरोप लगाया है. डॉ राय ने कहा कि पैड व हस्ताक्षर दोनों […]

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रांची : प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सह कोडरमा सांसद डॉ रवींद्र राय ने झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी की ओर से शुक्रवार को जारी किये गये उस पत्र को फर्जी बताया है, जिसमें दल-बदल को लेकर छह विधायकों को करोड़ों रुपये देने का आरोप लगाया है. डॉ राय ने कहा कि पैड व हस्ताक्षर दोनों नकली हैं. इसमें उनका हस्ताक्षर नहीं है. उन्होंने कहा कि इसकी जांच देश की सबसे सक्षम एजेंसी से करायी जानी चाहिए, ताकि सत्यता सामने आये. अगर पत्र सही साबित हुआ तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा. अगर पत्र असत्य निकाल तो बाबूलाल मरांडी को राजनीति से संन्यास लेना चाहिए. बाबूलाल ने फर्जी पत्र के माध्यम से विधायकों की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का काम किया है.

पत्र फर्जी, मरांडी तय…
एक सप्ताह में बाबूलाल पत्र की सत्यता को प्रमाणित करें. साथ ही पत्र में जितने लोगों का नाम आया है, उनसे व राज्य की जनता से माफी मांगे. अगर एक सप्ताह के अंदर वह माफी नहीं मांगते हैं, तो कोर्ट की शरण में जाऊंगा. बाबूलाल झारखंड के केजरीवाल बन गये हैं. आरोप लगाने के बाद उन्हें भी माफी मांगनी पड़ेगी. डॉ राय शनिवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में बाबूलाल की ओर से जारी किये पत्र को लेकर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. मौके पर मंत्री रणधीर सिंह, अमर बाउरी, विधायक नवीन जायसवाल, जानकी यादव, गणेश गंझू, जानकी यादव, प्रदेश महामंत्री दीपक प्रकाश, प्र‌वक्ता राजेश कुमार शुक्ल मौजूद थे.
जब तक पत्र की सत्यता की जांच नहीं होती, तब तक निर्णय नहीं लें स्पीकर : डॉ राय ने कहा कि पत्र की सत्यता की जांच देश की किसी भी सक्षम एजेंसी से करायी जानी चाहिए. जब तक पत्र की सत्यता की जांच नहीं हो जाती है, तब तक स्पीकर को दल बदल मामले में निर्णय नहीं लेना चाहिए. बाबूलाल जमीन की राजनीति से असफल होने के बाद स्टंटबाजी व तिकड़मबाजी का सहारा लेने की कोशिश कर रहे हैं. अपनी राजनीति को जिंदा रखने के लिए बाबूलाल ने जालसाजों का गिरोह पाल रखा है. इसे राज्य की जनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी.
बाबूलाल पर लगाया आरोप, जालसाजी कर स्वयं बनाया पत्र : डॉ राय ने कहा कि जारी किया गया पत्र बाबूलाल मरांडी ने स्वयं जालसाजी से बनाया है. अगर ऐसा नहीं है, तो वे बतायें कि यह पत्र कहां से मिला? किससे मिला? कब मिला? बाबूलाल ने राजनीतिक मर्यादा को भी तोड़ने का काम किया है. वे राजनीति में नीचता को प्रदर्शित कर रहे हैं. पत्र की सत्यता की जांच कराये बिना राज्यपाल के पास इस मामले को रखना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि 10 मार्च 2013 को वे प्रदेश अध्यक्ष बने. इससे पहले वे किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे. डॉ राय ने कहा कि ऐसा पत्राचार कोई राजनीतिक अज्ञानी ही कर सकता है.
छह माह से गोपनीय ढंग से अलग-अलग कार्यालयों घूम रहा था पत्र : डॉ राय ने कहा कि छह माह से अधिक समय से फर्जी पत्र गोपनीय ढंग से अलग-अलग कार्यालयों में घूम रहा था. उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी को भी झाविमो के विलय (मर्जर) की बात पता थी. उन्होंने खुद बाबूलाल मरांडी से इस संबंध में बात की थी. उस वक्त उन्होंने कहा था कि मेरे लिए यह असंभव है. हर हाल में विधायकों को रोकने का काम करूंगा. बाबूलाल खुद अपना घर संभाल नहीं पाये तो जनता को धोखे की राजनीति से बरगलाने का काम कर रहे हैं.
क्या-क्या कहा
किसान मोर्चा का पैड व हस्ताक्षर दोनों नकली
एक सप्ताह में माफी मांगे बाबूलाल, नहीं तो जायेंगे कोर्ट
बाबूलाल बन गये हैं झारखंड के केजरीवाल
छवि धूमिल करने के लिए फर्जी पत्र : आलोक
विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि बाबूलाल का आरोप गलत है. छवि धूमिल करने के लिए फर्जी पत्र पेश किये गये. राज्यहित में झाविमो का विलय भाजपा के साथ हुआ.
बाबूलाल ने बौखला कर यह कदम उठाया.
नकारा नेता ही ऐसा कर सकता है : रणधीर
कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने कहा कि बाबूलाल ने घटिया आरोप लगाया है. नकारा नेता ही ऐसा आरोप लगा सकता है. बदनाम करने की कोशिश की है. मानहानि का मुकदमा दर्ज करेंगे.
पत्र झूठा, बेबुनियाद व सत्य से परे : जानकी
विधायक जानकी यादव ने कहा कि पत्र झूठा है. आरोप बेबुनियाद व सत्य के परे है. दल-बदल का मामला स्पीकर के न्यायाधीकरण में चल रहा है. बाबूलाल ने कोर्ट की अवमानना की है.
चरित्र हनन का प्रयास िकया : अमर बाउरी
भू-राजस्व मंत्री अमर बाउरी ने कहा कि बाबूलाल ने विधायकों का चरित्र हनन करने का प्रयास किया है. न्यायालय जाऊंगा. बाबूलाल विलय की सहमति देकर पीछे हटे.
आरोपों की जांच के लिए तैयार हैं : गणेश गंझू
विधायक गणेश गंझू ने कहा कि बाबूलाल का आरोप निराधार है. उन्होंने कहा कि बाबूलाल के फर्जी पत्र में विधायकों का कम रेट लगाया है, उन्हें और ज्यादा रेट लगाना चाहिए था.
मानहानि का मुकदमा करेंगे : नवीन
विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि अगर एक सप्ताह में बाबूलाल ने माफी नहीं मांगी तो सक्षम न्यायालय में उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया जायेगा.
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