सीजेपी प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा,कहा- राष्ट्रविरोधी ताकतों को रोकने के लिए उठाया ये कदम

धर्मेंद्र प्रधान, फोटो एक्स
NEET-UG परीक्षा में हुई अनियमितताओं के बाद कॉकरोच जनता पार्टी की अगुआई में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को भेज दिया है. अपने पत्र में उन्होंने देश की युवाशक्ति, छात्रों के भविष्य, और देश की एकता का हवाला देते हुए इस फैसले की मुख्य वजहों का जिक्र किया है.
छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच बड़ी खबर है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में लिखा, "यह सुनिश्चित करने के लिए कि जंतर-मंतर और देश भर के हालात का फायदा देश-विरोधी तत्व न उठा सकें, देश एकजुट रहे, और भारत के छात्र कानूनी पेचीदगियों में न फंसें बल्कि अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दें, मैंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है."
युवाओं का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे : प्रधान
अपने इस्तीफे के पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वे सदैव देश की प्रजातांत्रिक शक्ति और युवाओं की आकांक्षाओं का सम्मान करते आए हैं. पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से वे व्यथित थे.
"देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है. जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, उसका राष्ट्रविरोधी ताकतें लाभ न उठाएं, देश की एकता बनी रहे और भारत के किसी भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, इसी बात को ध्यान में रखते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है."
प्रधान ने NEET-UG परीक्षा पर दी सफाई
इस्तीफे पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने संपन्न हुई NEET-UG परीक्षा के पूरे घटनाक्रम का ब्योरा भी साझा किया.
- 3 मई 2026 की परीक्षा में गड़बड़ी: 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितता सामने आने पर सरकार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी, परीक्षा रद्द की और पुन: परीक्षा आयोजित की. इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-Based Test) मोड में कराने का फैसला लिया गया.
- 21 जून को दोबारा परीक्षा: केंद्र, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के सहयोग से 21 जून 2026 को 20 लाख से अधिक छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की गई.
- 16 जुलाई के परिणाम: 16 जुलाई को घोषित नतीजों में गरीब पृष्ठभूमि से आने वाले कई मेधावी छात्रों को सफलता मिली.
कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की : धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पहले ही दिन से उन्होंने इस पूरी परिस्थिति की जिम्मेदारी ली थी और संकल्प लिया था कि किसी भी मेधावी छात्र का नुकसान परीक्षा माफिया के कारण नहीं होने देंगे. हालांकि, उन्होंने अफसोस जताया कि कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने और बाधा डालने की कोशिश की, जिससे उनका मन व्यथित हुआ.
प्रधानमंत्री और सहयोगियों का जताया आभार
धर्मेंद्र प्रधान ने पिछले चार दशकों से अधिक समय से शिक्षा सुधारों और छात्रों के हित में अपने समर्पण का जिक्र किया. उन्होंने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की. इसके अलावा, उन्होंने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का भी आभार माना. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी और भगवान श्री जगन्नाथ जी के आशीर्वाद से वे भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए समर्पित रहेंगे.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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