SIR में भारत रत्न CNR Rao के नाम में एक ‘F’ की गड़बड़ी पर विवाद, EC ने कहा- कोई नोटिस नहीं दिया

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भारत रत्न से सम्मानित वैज्ञानिक प्रोफेसर C.N.R. राव (Photo/X)

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भारत रत्न से सम्मानित वैज्ञानिक प्रोफेसर C.N.R. राव के वोटर लिस्ट में नाम की गड़बड़ी की खबरें सामने आई थीं. चुनाव आयोग ने अब इन दावों को खारिज करते हुए सच्चाई बताई है.

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भारत रत्न से सम्मानित वैज्ञानिक प्रोफेसर C.N.R. राव का नाम कर्नाटक में वोटर लिस्ट की जांच यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चर्चा में है. पहले खबर आई कि 92 वर्षीय वैज्ञानिक को उनके नाम में अंतर के चलते चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा और सुनवाई के लिए बुलाया है. हालांकि, अब चुनाव आयोग ने इस दावे को खारिज कर दिया है.

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चुनाव आयोग ने 9 सितंबर को कहा कि C.N.R. राव को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया था. आयोग के मुताबिक, उनके वोटर रिकॉर्ड की बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने जांच की और इसे अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल करने की सिफारिश की. इसके बाद अतिरिक्त चुनाव पंजीकरण अधिकारी (AERO) ने 8 सितंबर को उनके नाम को अंतिम सूची में शामिल करने की मंजूरी दे दी.

पहले रिपोर्ट में क्या कहा गया था?

कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक C.N.R. राव को SIR के दौरान नाम में अंतर को लेकर नोटिस दिया गया था. जिस नोटिस में वजह “self-name mismatch” यानी अपने नाम का रिकॉर्ड से मेल नहीं खाना बताई गई थी.

रिपोर्ट में कहा गया था कि पुराने वोटर रिकॉर्ड में उनका नाम “Prof. C.N.R. Rao” था, जबकि मौजूदा रिकॉर्ड में “Proff. C.N.R. Rao” दर्ज था. यानी “Prof.” में एक अतिरिक्त ‘f’ जुड़ा हुआ था. इसी अंतर के चलते उन्हें बेंगलुरु के मल्लेश्वरम में सुनवाई के लिए बुलाए जाने की बात कही गई थी. वहीं कुछ अन्य मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह जानकारी भी सामने आई कि चुनाव अधिकारी उनके घर जाकर सत्यापन करने की तैयारी कर रहे हैं.

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चुनाव आयोग ने क्या कहा?

अब चुनाव आयोग ने इस रिपोर्ट को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है. आयोग के मुताबिक, C.N.R. राव कर्नाटक की 157-मल्लेश्वरम विधानसभा सीट के पार्ट नंबर 59 में पंजीकृत मतदाता हैं और उनका नाम मौजूदा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में है.

आयोग ने बताया कि SIR के दौरान राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय BLO ने उनके घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराया था. रिकॉर्ड की जांच के बाद BLO ने उनके नाम को अंतिम सूची में शामिल करने की सिफारिश की. AERO ने 8 सितंबर को इसे मंजूरी भी दे दी.

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हालांकि चुनाव आयोग ने यह जरूर माना है कि पुराने और मौजूदा रिकॉर्ड की तुलना के दौरान नाम से जुड़ी एक असंगति सामने आई थी. मौजूदा ड्राफ्ट में नाम “Proff C.N.R. Rao S/O Nagesh Rav. H” दर्ज था, जबकि 2002 के रिकॉर्ड में अलग एंट्री थी. लेकिन आयोग के अनुसार इस अंतर के आधार पर C.N.R. राव या उनके परिवार को कोई नोटिस नहीं भेजा गया. जांच के बाद उनका रिकॉर्ड अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए मंजूर कर दिया गया.

बता दें कि C.N.R. राव को विज्ञान और रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए 2014 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.

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