दुबई तक पहुंची झारखंड के इस किसान की स्ट्रॉबरी, PM मोदी भी कर चुके हैं उन्हें सम्मानित
Published by : Sameer Oraon Updated At : 02 Mar 2025 12:42 PM
Strawberry
Strawberry Farming In Jharkhand: रामगढ़ के किसान रचिया महतो की स्ट्रॉबरी की मिठास दुबई तक पहुंच चुकी है. इसके अलावा स्थानीय बाजारों में उनकी स्ट्रॉबरी की भारी डिमांड है. पीएम मोदी उन्हें सम्मानित कर चुके हैं.
रामगढ़, सुरेंद्र कुमार/शंकर पोद्दार (रजरप्पा) : रामगढ़ के गोला की पहचान कृषि हब के रूप में है. किसानों द्वारा हमेशा नया-नया प्रयोग किया जाता है. गोला के सरलाकला निवासी रचिया महतो ने पारंपरिक खेती से अलग स्ट्रॉबेरी की खेती को चुना. आज इनकी स्ट्रॉबेरी दुबई तक पहुंच गयी है. जबकि इनकी स्ट्रॉबेरी प्रतिदिन बोकारो, धनबाद, रांची, जमशेदपुर व स्थानीय बाजारों में पहुंच रही है. रचिया महतो इस्राइल समेत भारत के विभिन्न राज्यों में कृषि का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं. वह ब्रॉकली समेत कई फसलों में प्रयोग कर चुके हैं. उन्हें प्रधानमंत्री मोदी भी सम्मानित कर चुके हैं.
2014 में ही किया था ट्रायल लेकिन नहीं मिली सफलता
भाई सेवकी महतो और भाभी गीता देवी ने भी लगभग एक एकड़ पांच डिसमिल भूमि पर स्ट्रॉबेरी की खेती की है. रचिया महते ने साल 2013 में जलगांव (महाराष्ट्र) में स्ट्रॉबेरी की खेती देखी थी. 2014 में ट्रायल के रूप में लगाया, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद फिर से 2024 के सितंबर माह में उद्यान विकास से नि:शुल्क मिले लगभग 20 हजार पौधे मल्चिंग विधि से लगाये.
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दुबई में 375 रुपये किलो बिकी स्ट्रॉबेरी
दुबई में स्ट्रॉबेरी 375 रुपये किलो बिकी. हवाई जहाज से स्ट्रॉबेरी दुबई भेजी गयी. फिलहाल रांची, पिठोरिया, बोकारो, जमशेदपुर सहित कई शहरों में लगभग 130 से 150 रुपये की दर से स्ट्रॉबेरी बेच रहे हैं. रचिया महतो गोला प्रखंड क्षेत्र के 105 किसानों को उद्यान विकास से प्राप्त स्ट्रॉबेरी का पौधा देकर खेती करा रहे हैं. इसमें 25 किसानों को इसमें सफलता मिली है. उन्होंने कहा कि पूरे जिले में विभाग द्वारा दो करोड़ रुपये से अधिक के स्ट्रॉबेरी के पौधे किसानों के बीच वितरित किये गये हैं. उन्होंने कहा कि इस खेती के विस्तार के लिए अन्य किसानों को भी प्रेरित किया जायेगा.
एक दर्जन लोगों को दिया है रोजगार
कार्य में सुनीता देवी, कल्याणी कुमारी, रविता देवी, इशु देवी, सोनी कुमारी, सेवंती देवी, जुना देवी, नमिता देवी, घनश्याम महतो, प्रदीप महतो, सुरेश महतो, नरेश महतो, अक्षय महतो, बिंदेश्वर महतो को रोजगार दिया गया है. ये लोग स्ट्रॉबेरी तोड़ने से लेकर पैकिंग करने और मार्केट तक पहुंचाने में सहयोग करते हैं
कीवी की फसल लगाने की है तैयारी
रचिया महतो बताते हैं कि अभी स्ट्रॉबेरी, बेबीकॉर्न, ब्रॉकली, स्विटकॉर्न, तरबूज आदि की खेती की जा रही है. वे ग्राफ्टिंग के माध्यम से नर्सरी पौधे की तैयारी करते हैं. उन्होंने बताया कि अब आगे कीवी की फसल लगाने की तैयारी है. उन्होंने बताया कि खरीदार नहीं होने के कारण किसानों को फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है. अगर सरकार यहां सब्जी और फल रखवाने के लिए कोल्ड स्टोरेज की सुविधा प्रदान करती है, तो किसानों की आय में वृद्धि होगी.
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By Sameer Oraon
समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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