रामगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं में बेतहाशा बढ़ोतरी, दो महीने में 31 लोगों की मौत

रामगढ़ के चुटूपालू घाटी में वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए लगा संकेत. फोटो: प्रभात खबर
Ramgarh Road Accident: रामगढ़ जिले में सड़क हादसों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जहां दो महीने में 31 लोगों की मौत हो चुकी है. एनएच 33 और एनएच 23 पर सात ब्लैक स्पॉट चिन्हित हैं. प्रशासन द्वारा सुरक्षा उपायों के बावजूद दुर्घटनाएं कम नहीं हो रही हैं, जिससे लोगों में चिंता बढ़ रही है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
रामगढ़ से सलाउद्दीन की रिपोर्ट
Ramgarh Road Accident: झारखंड के रामगढ़ जिले में सड़क हादसे और ब्लैक स्पॉट के आंकडों ने चिंता बढ़ायी है. एनएच 33 और एनएच 23 पर सात ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां लगातार गंभीर दुर्घटनाएं हो रही हैं. इस वर्ष जनवरी और फरवरी माह में 34 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 31 लोगों की मौत हो गयी, जबकि 19 लोग गंभीर रूप से घायल हुए. दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जिला प्रशासन, एनएचएआई और संबंधित विभाग स्थानीय स्तर पर लगातार प्रयास किया है. इन सब के बावजूद दुर्घटनाएं कम नहीं हो रही है.
रामगढ़ जिले में सात ब्लैक स्पॉट चिह्नित
जिले में सड़क हादसों के लिए सात ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं, जहां सबसे अधिक दुर्घटनाएं होती हैं. इनमें रामगढ़ एनएच 33 के चुटूपालू घाटी मोड़, चुटूपालू घाटी ढलान, पटेल चौक, कोठार रोबिन होटल के पास, मांडू एनएच 33 के हेसागढ़ा, गोला एनएच 23 के मगनपुर मरघटिया तथा चोपादारू घाटी क्षेत्र शामिल हैं.
दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पहल
सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर प्रशासन और संबंधित विभागों ने कई कार्य किये हैं. रोड विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार इन स्थानों पर दुर्घटनाओं के पीछे खतरनाक मोड़ व घाटी क्षेत्र, ओवरलोडेड वाहन, तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना तथा पर्याप्त सुरक्षा उपायों की कमी प्रमुख कारण हैं. जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा इन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गयी है. नियमित पेट्रोलिंग बढ़ायी गयी है और चेतावनी संकेत बोर्ड लगाए गए हैं. इसके अलावा स्पीड कंट्रोल के लिए डिवाइडर व ब्रेकर का निर्माण किया गया है तथा जगह-जगह स्पीड मीटर भी लगाए गए हैं, ताकि दुर्घटनाओं को पहले ही रोका जा सके.
स्पीड मीटर चालू नहीं
रामगढ़-रांची एनएच 33 के चुटूपालू घाटी में वाहनों की गति नियंत्रित करने और रिकॉर्ड रखने के लिए स्पीड मीटर लगाया गया है. इसका उद्देश्य नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाकर सड़क हादसों में कमी लाना है. हालांकि यह पहल अभी प्रभावी साबित नहीं हो पा रही है, क्योंकि लगाए गए स्पीड मीटर अब तक चालू नहीं किए गए हैं. इसके कारण वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है.
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क्या कहते हैं एसडीओ
एसडीओ अनुराग कुमार तिवारी ने बताया कि सड़क सुरक्षा अभियान के तहत जागरूकता के साथ-साथ प्रशासनिक कार्रवाई लगातार की जा रही है. उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है. लोगों को खुद भी सजग और सतर्क होना होगा और यायातायात नियमों के बारे में जानकारी हासिल करनी होगी.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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