रामगढ़ के चितरपुर में निर्माणाधीन पुल के पास शव रखकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, जानें क्या है पूरा मामला

पुल पर शव रखकर प्रदर्शन करते ग्रामीण. फोटो : प्रभात खबर
Protest for Road to Cremation Center: रामगढ़ जिले के चितरपुर में श्मशान घाट जाने वाली सड़क बंद हुई, तो लोगों ने पुल बनाने वाले ठेकेदार के खिलाफ शव के साथ जोरदार प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने कहा कि ठेकेदार और उसके मुंशी से आग्रह किया गया था कि श्मशान घाट तक जाने वाली सड़क का निर्माण करने के बाद ही पुल की ढलाई की जाये. उन्होंने आश्वासन दिया, लेकिन सड़क नहीं बनायी, जिससे श्मशान घाट जाना मुश्किल हो गया है.
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Protest for Road to Cremation Center| चितरपुर (रामगढ़), सुरेंद्र कुमार/शंकर पोद्दार : रामगढ़ जिले के चितरपुर पटेल नगर के ग्रामीणों ने बुधवार शाम एक वृद्ध महिला के शव को निर्माणाधीन पुल के समीप रखकर अपना आक्रोश जताया. जमकर विरोध प्रदर्शन किया. कोचीगढ़ा स्थित निर्माणाधीन पुल के पास शव को रखकर ग्रामीणों ने पुल बनाने वाले ठेकेदार के खिलाफ रोष व्यक्त किया. ग्रामीणों ने कहा कि पुल निर्माण के कारण श्मशान घाट जाने वाली सड़क पूरी तरह से बंद हो गयी है. इसकी वजह से लोगों को मृतकों का अंतिम संस्कार करने में भारी कठिनाई होती है.
70 साल की बुजुर्ग के शव के साथ किया प्रदर्शन
बुधवार को पटेल नगर निवासी रुपिया देवी (70), पति रिझू महतो का निधन हो गया. अंतिम संस्कार के लिए जब ग्रामीण शव को लेकर श्मशान घाट की ओर बढ़े, तो रास्ता बंद मिला. इससे गुस्साये ग्रामीणों ने शव को पुल के समीप रखकर प्रदर्शन किया और संवेदक पर अनदेखी का आरोप लगाया. काफी देर तक हंगामा होने के बाद ग्रामीणों को मजबूरन धान के खेतों और कीचड़ से होकर शव को श्मशान घाट तक ले जाना पड़ा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया.
करोड़ों की लागत से बन रहा पुल, श्मशान घाट का रास्ता बंद
चितरपुर-सिकनी मार्ग स्थित कोचीनाला में करोड़ों रुपए की लागत से पुल का निर्माण किया जा रहा है. इसी पुल के बगल से श्मशान घाट जाने का पारंपरिक रास्ता था. ग्रामीणों का कहना है कि पुल की ढलाई से पहले ही श्मशान घाट तक पहुंच पथ बनाने की मांग बार-बार की गयी थी. संवेदक और निर्माण कार्य देख रहे मुंशी को भी इस विषय में बताया गया था. फिर बी ग्रामीणों की मांग की अनदेखी करते हुए पुल की ढलाई कर दी गयी. परिणामस्वरूप ग्रामीणों को शव लेकर खेत-खेत घूमकर श्मशान घाट जाना पड़ा.
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ग्रामीणों ने किया जोरदार विरोध-प्रदर्शन
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में गांवों के लोग मौजूद थे. प्रमुख रूप से कोलेश्वर महतो, ओमप्रकाश महतो, कार्तिक महतो, कृष्णा महतो, रामजीत महतो, मनोज महतो, विष्णु महतो, दिनेश किशोरिया, दिलीप महतो, लिलेश महतो, धर्मदेव महतो, गणेश महतो, उपेंद्र महतो, केश्वर महतो, बालेश्वर महतो, सुरेश किशोरिया, सूरज महतो, मंशु महतो, गंशु महतो, बंधु चौधरी, बालदेव महतो, रवि चौधरी, गुरजलाल महतो, नागेश्वर महतो, हरि महतो, राम मोहन महतो, अजय किशोरिया सहित कई अन्य लोग शामिल थे. सभी ने एक स्वर में श्मशान घाट तक पहुंच पथ बनाने की मांग की.

क्या कहते हैं मुखिया
इस संदर्भ में चितरपुर पूर्वी पंचायत के मुखिया भानुप्रकाश महतो ने कहा कि श्मशान घाट जाने के लिए पूर्व से ही पहुंच पथ मौजूद था, लेकिन पुल निर्माण के दौरान उसे ध्वस्त कर दिया गया. इस मामले में कई बार संवेदक को अवगत कराया और पुल की ढलाई से पूर्व पहुंच पथ बनाने का आग्रह किया था. संवेदक ने आश्वासन भी दिया था कि पहले रास्ता तैयार किया जायेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही श्मशान घाट तक नया रास्ता नहीं बनाया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार जैसी गंभीर परिस्थिति में लोगों को खेत-खेत घूमकर शव लेकर जाना पड़ा, तो यह अमानवीय और अस्वीकार्य है. प्रशासन और संवेदक को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो.
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By Mithilesh Jha
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