18 अप्रैल को सीएम आवास का घेराव करेंगे पतरातू के शिक्षक, करेंगे आंदोलन

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 14 Apr 2026 7:25 AM

विज्ञापन

पतरातू में प्रदर्शन करते शिक्षक. फोटो: प्रभात खबर

Patratu News: झारखंड के पतरातू में सहायक अध्यापकों ने 18 अप्रैल को रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान किया है. मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी दी गई है. बैठक में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए और आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट

Patratu News: झारखंड के पतरातू प्रखंड में सहायक अध्यापकों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन करने का फैसला लिया है. रविवार को प्रखंड मुख्यालय परिसर में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 18 अप्रैल को राज्यभर के शिक्षक रांची पहुंचकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे.

बैठक में लिया गया अहम निर्णय

झारखंड राज्य आकलन सह प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा की इस बैठक की अध्यक्षता सुरेश करमाली ने की, जबकि संचालन वृजनाथ मुण्डा ने किया. बैठक में मौजूद शिक्षकों ने एकजुट होकर आंदोलन को तेज करने पर सहमति जताई. निर्णय लिया गया कि सभी शिक्षक अपने-अपने सीआरसी (क्लस्टर रिसोर्स सेंटर) से रांची पहुंचेंगे और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे.

भूख हड़ताल की दी चेतावनी

बैठक में शिक्षकों ने सरकार को साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर बातचीत शुरू नहीं की गई, तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे. शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है.

बड़ी संख्या में शिक्षक रहे मौजूद

इस बैठक में कई प्रमुख शिक्षक और पदाधिकारी शामिल हुए. इनमें राज्य सदस्य वसंत कुमार, जिला कोषाध्यक्ष वृजनाथ मुण्डा, अनिल राम, सुधीर कुमार, सुनील कुमार, सुरेश करमाली, बसंत राम, कपिल मुण्डा, सुरेश महतो, महादेव सोरेन, मुखलाल करमाली, रूपनी देवी, कलावती कुमारी, तारामणी एक्का, पार्वती देवी और जयधन महतो सहित कई अन्य शिक्षक उपस्थित रहे.

प्रखंड सचिव ने दिया इस्तीफा

बैठक के अंत में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम भी सामने आया. सहायक अध्यापक महासंघ के पतरातू प्रखंड सचिव बसंत कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने बताया कि अब वे झारखंड राज्य आकलन सह प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के प्रदेश सदस्य के रूप में कार्य करेंगे और आंदोलन को मजबूती देंगे.

इसे भी पढ़ें: पतरातू के डाडीडीह तालाब में घाट होगा निर्माण, किया गया शिलान्यास

आंदोलन को लेकर बढ़ी हलचल

इस फैसले के बाद राज्य में शिक्षा व्यवस्था और सरकार के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है. 18 अप्रैल को होने वाले घेराव को लेकर प्रशासन भी सतर्क हो गया है. अब देखना यह होगा कि सरकार शिक्षकों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या आंदोलन से पहले कोई समाधान निकल पाता है या नहीं.

इसे भी पढ़ें: ट्रेन में WT चलने वाले सावधान! झारखंड के इस स्टेशन गप्प से धर लेते हैं टीटी, भी 284 धराए

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola