बिहार से लापता बुजुर्ग पलामू में चढ़ा भीड़ के हत्थे, जनप्रतिनिधियों की सतर्कता से बची जान

बुजुर्ग के साथ उनके परिजन
Palamu Mob Lynching Case: पलामू के पांडू में होली के दिन बच्चा चोर की अफवाह पर एक मानसिक रूप से कमजोर बुजुर्ग की भीड़ ने पिटाई कर दी. गया के रहने वाले 60 वर्षीय चेतु मांझी को पुलिस ने बचाकर परिजनों को सौंपा. पुलिस ने मॉब लिंचिंग की धाराओं और उम्रकैद की सजा की चेतावनी दी है. पूरी रिपोर्ट पढ़ें.
Palamu Mob Lynching Case, पलामू, (मुकेश कुमार सिंह): पलामू जिले के पांडू थाना क्षेत्र के बंदला गांव में होली के दिन यानी 4 मार्च को एक बुजुर्ग व्यक्ति को बच्चा चोर समझकर ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए उसकी पिटाई कर दी. बाद में पता चला कि वह व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर है और पिछले करीब 20 दिनों से अपने घर से लापता था. मिली जानकारी के अनुसार, गांव के कुछ लोगों ने एक अनजान बुजुर्ग को देख उसे बच्चा चोर समझ लिया. इसके बाद ग्रामीणों ने शोर-शराबा करते हुए उसके साथ मारपीट शुरू कर दी.
जनप्रतिनिधियों ने किया हस्तक्षेप
घटना की जानकारी मिलने पर गांव के प्रबुद्ध लोगों और जनप्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप किया. उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया और बुजुर्ग को सुरक्षित पांडू थाना लाया गया. थाना में पूछताछ के दौरान बुजुर्ग ने अपना नाम चेतु मांझी (60 वर्ष), पिता रंगा मांझी, सेवरा गांव निवासी बताया जो कि बिहार के गया जिला में स्थित है. इसके बाद पुलिस ने जिले के विभिन्न थानों से संपर्क कर उसके पते का सत्यापन किया. जांच के दौरान उसका सही पता ग्राम सहवारा, थाना मऊ, प्रखंड टेकारी, जिला गया (बिहार) पाया गया.
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परिजन बोले- मानसिक रूप से कमजोर है चेतु मांझी
इसके बाद पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क किया. परिजनों ने बताया कि चेतु मांझी मानसिक रूप से थोड़ा कमजोर हैं और करीब 20 दिनों से घर से लापता थे. शुक्रवार (06 मार्च) को उनके गांव का एक व्यक्ति थाना पहुंचा और उन्हें अपने जिम्मे में लेकर घर ले गया.
अफवाह से बचने की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि किसी भी व्यक्ति को बच्चा चोर बताकर अफवाह न फैलाएं. किसी भी अनजान व्यक्ति के बारे में पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल करें. यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखे तो तुरंत नजदीकी थाना को सूचना दें या 112 डायल करें. थाना प्रभारी ने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में भीड़ का हिस्सा बनकर किसी के साथ मारपीट न करें. यदि मारपीट के दौरान किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो भारतीय न्याय संहिता में मोब लिंचिंग से संबंधित कड़ी धाराएं लागू हो सकती हैं, जिसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है. पुलिस ने जनप्रतिनिधियों, मीडिया और प्रबुद्ध नागरिकों से भी आग्रह किया है कि यदि कहीं ऐसी घटना की जानकारी मिले तो तुरंत थाना को सूचित करें और लोगों को समझाकर संबंधित व्यक्ति को भीड़ से अलग करने में सहयोग करें.
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By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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