झारखंड के सभी CHC होंगे अपग्रेड, बनेंगे फर्स्ट रेफरल यूनिट

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Jharkhand CHC Upgrade

झारखंड के 188 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे फर्स्ट रेफरल यूनिट

Jharkhand CHC Upgrade: झारखंड सरकार ने राज्य के 188 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट में अपग्रेड करने का निर्णय लिया है. पहले चरण में 20 सीएचसी को मॉडल एफआरयू बनाया जाएगा. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं, ब्लड स्टोरेज, सिजेरियन और बेहतर मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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रांची से विपिन सिंह की रिपोर्ट

Ranchi News, रांची: झारखंड के ग्रामीण इलाकों में बेहतर और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित कराने के लिए राज्य के कुल 188 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) में अपग्रेड करने का निर्णय लिया गया है. आपातकालीन चिकित्सा के लिए मरीजों को सीधे बड़े जिला अस्पतालों या रिम्स रेफर करने की निर्भरता खत्म हो जाएगी.इन केंद्रों पर ब्लड स्टोरेज या ब्लड ट्रांसफ्यूजन की न्यूनतम व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी.

पहले चरण में 20 सीएचसी का होगा कायाकल्प

पहले चरण में चुने गए 20 सीएचसी को मॉडल एफआरयू के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसके अनुभवों के आधार पर शेष 168 स्वास्थ्य केंद्रों का चरणबद्ध तरीके से कायाकल्प होगा. इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर सोमवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचएसआरसी), नई दिल्ली की ओर से एक विशेष ऑनलाइन ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

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आईपीएचएस मानतो पर तैयार होगा अस्पताल

मातृत्व सेल की राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ पुष्पा ने बताया कि सभी चयनित स्वास्थ्य केंद्रों को आईपीएचएस मानकों के तहत तैयार किया जाएगा. इसके तहत इन केंद्रों में बुनियादी ढांचे, डॉक्टरों की उपलब्धता, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों को 50% से 80% तक अपग्रेड किया जाएगा ताकि ये केंद्र पूरी तरह से क्रियाशील हो सके.

गैप एनालिसिस से कमियों का लगाया जाएगा पता

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने इन स्वास्थ्य केंद्रों में कमियों का पता लगाने के लिए एक व्यापक ‘गैप एनालिसिस करने का निर्देश दिया है. गैप एनालिसिस की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक मैनपावर और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर कर इन्हें नेशनल सर्टिफिकेशन के लिए तैयार किया जाएगा.

फर्स्ट रेफरल यूनिट में चौबीसों घंटे इमरजेंसी उपलब्ध

आईईसी के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ राहुल किशोर सिंह ने बताया कि एक सामान्य समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के के मुकाबले फर्स्ट रेफरल यूनिट में चौबीसों घंटे आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध होती हैं. इसके शुरू होने से ग्रामीण स्तर पर इन केंद्रों पर ब्लड स्टोरेज या ब्लड ट्रांसफ्यूजन की न्यूनतम व्यवस्था के साथ ही जटिल प्रसव और सिजेरियन (सिजेरियन सेक्शन) की सुविधा मिल सकेगी.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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