राज्य का पहला जेल, जहां के बंदियों का बनेगा आयुष्मान व आधार कार्ड

Published at :22 Dec 2024 8:48 PM (IST)
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राज्य का पहला जेल, जहां के बंदियों का बनेगा आयुष्मान व आधार कार्ड

केंद्रीय कारा मेदिनीनगर में बंद सजायाफ्ता व अंडर ट्रायल बंदियों का आयुष्मान व आधार कार्ड बनाने का कार्य शुरू किया गया.

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मेदिनीनगर. केंद्रीय कारा मेदिनीनगर में बंद सजायाफ्ता व अंडर ट्रायल बंदियों का आयुष्मान व आधार कार्ड बनाने का कार्य शुरू किया गया. आयुष्मान कार्ड उन्हीं का बनेगा, जिनका राशन कार्ड में नाम दर्ज है. रविवार को प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव, सीजेएम आनंदा सिंह, जेल अधीक्षक भागीरथ कारजी व जेलर प्रमोद कुमार ने इस कार्य की विधिवत शुरुआत की. यह झारखंड का पहला जेल होगा, जहां बंदियों के लिए आयुष्मान कार्ड बनाने की योजना शुरू की गयी है. योजना की पहल जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार श्रीवास्तव ने की थी. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ प्रेमचंद, आयुष्मान मित्र रंजन कुमार सिंह व प्रज्ञा संचालक अविनाश कुमार को प्रतिनियुक्त किया गया है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसके लिए कंप्यूटर व अन्य सामान रखा गया था. इस संबंध में जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि अब प्रतिदिन इसके लिए एक से दो घंटे का समय आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी तैनात रहेंगे. जिन लोगों का भी आयुष्मान कार्ड नहीं है. उनका आयुष्मान कार्ड बनाया जायेगा. उन्होंने कहा कि जल्द ही आधार कार्ड के लिए भी जेल के अंदर कैंप लगाया जायेगा. इसमें जिन कैदियों का आधार कार्ड में जन्मतिथि, नाम, पिता का नाम, पता में किसी भी प्रकार की गलती होगी, उसे सुधारा जायेगा. उन्होंने कहा कि जिन बंदी का राशन कार्ड नहीं है. उसका राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए भी कार्रवाई शुरू करायी जा रही है. जेल अधीक्षक भागीरथ कारजी ने कहा कि झारखंड का यह पहला जेल है, जहां पर कैदियों का कार्ड बनाया जा रहा है, ताकि इसका लाभ उन्हें मिल सके. स्वास्थ्य विभाग के डॉ प्रेमचंद ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए बंदियों का आधार कार्ड व राशन कार्ड के द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाया जायेगा. जिन कैदियों का आयुष्मान कार्ड बनाया जायेगा. उनका जेल के अंदर ही थंब इंप्रेशन लिया जायेगा. इसके बाद कंप्यूटराइज्ड सारा डिटेल उपलब्ध हो जायेगा. ऐसा होने से बंदी के किसी परिजनों को बुलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. रविवार को सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 2:30 बजे तक प्रयास किया गया. लेकिन लिंक के सर्वर में समस्या आने के कारण किसी बंदी का रविवार को आयुष्मान कार्ड नहीं बन सका. लेकिन अब प्रतिदिन आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी जेल के अंदर में सर्वर लिंक रहने की स्थिति में तैनात रहेंगे. इसके लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश की ओर से स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन को पत्र भेज दिया गया है.

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