पाकुड़ को हावड़ा से हटकर मालदा डिवीजन में शामिल करने की मांग

पाकुड़ रेलवे स्टेशन ब्रिटिश शासन काल के समय का रेलवे स्टेशन है. पाकुड़ काला पत्थर के लिए जाना जाता है.
पाकुड़. पाकुड़ रेलवे स्टेशन को हावड़ा डिवीजन से हटाकर मालदा डिवीजन में शामिल करने को लेकर समाजसेवी सह अंबेदकर विचार मंच के कार्यकर्ता सुजीत शंकर विद्यार्थी ने डिवीजन रेलवे मैनेजर को पत्र लिखा है. उल्लेख किया है कि पाकुड़ रेलवे स्टेशन ब्रिटिश शासन काल के समय का रेलवे स्टेशन है. पाकुड़ काला पत्थर के लिए जाना जाता है. पाकुड़ रेलवे पहले बिहार सरकार की परिसंपत्ति हुआ करती थी. वर्तमान में पाकुड़ रेलवे झारखंड सरकार की संपत्ति है. झारखंड राज्य के पाकुड़ जिला से रेलवे के माध्यम से देश के कोने-कोने में काला पत्थर का निर्यात किया जा रहा है. वर्तमान समय में कई देशों में पाकुड़ जिले का काला पत्थर निर्यात किया जा रहा है. इससे पाकुड़ से रेलवे को अच्छा-खासा राजस्व प्राप्त होता है. लेकिन आज भी पाकुड़ रेलवे स्टेशन में सुविधाओं की कमी है. यहां से दिल्ली, अमृतसर, हैदराबाद, चेन्नई, वाराणसी, कानपुर, नागपुर, लखनऊ, इलाहाबाद जैसे अन्य शहरों के लिए जाने को लेकर एक भी सीधी ट्रेन नहीं है. इस कारण लोगों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
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