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डीएमएफटी के तहत चल रही योजनाओं की जांच के लिए टीम गठित

Updated at : 11 Sep 2024 11:56 PM (IST)
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डीएमएफटी के तहत चल रही योजनाओं की जांच के लिए टीम गठित

कार्यों के विरुद्ध शिकायत आने के बाद डीसी ने लिया संज्ञान

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पाकुड़ नगर. जिले में डीएमएफटी योजना के तहत चल रहे कार्यों को लेकर उपायुक्त गंभीर हैं. योजनाओं पर लगातार शिकायत प्राप्त होने के बाद उपायुक्त ने योजनाओं की जांच कराने का निर्णय लिया है. योजनाओं की जांच के लिए तीन जांच दल का भी गठन किया गया है. बताया गया कि जिले में डीएमएफटी मद से कई महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन कराया जा रहा है. इसकी कार्य एजेंसी कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल पाकुड़ को बनाया गया है. इनके द्वारा कराए जा रहे कार्यों के विरुद्ध लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही है. इसको संज्ञान में लेते हुए डीएमएफटी नोडल पदाधिकारी विकास कुमार त्रिवेदी ने दो बार इनसे स्पष्टीकरण मांगा है. कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल पाकुड़ को उपायुक्त द्वारा भी निर्देशित किये जाने के बावजूद उनकी कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है और न ही कार्य की गुणवत्ता में सुधार परिलक्षित हो रहा है. मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल पर कठोर कदम उठाने को लेकर उपायुक्त ने योजना जांच कराने का निर्णय लिया है. डीएमएफटी के तहत चल रही योजनाओं की जांच के लिए तीन जांच दल का गठन किया गया. सदर प्रखंड व हिरणपुर में संचालित योजनाओं के लिए डीटीओ संजय पीएम कुजूर, कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई विभाग संतोष कुमार मरांडी, सहायक अभियंता सिंचाई प्रमंडल भूषण कुमार सिंह, कनीय अभियंता पथ प्रमंडल पंकज कुमार को शामिल किया गया है. इसके अलावा लिट्टीपाड़ा व अमड़ापाड़ा में संचालित योजनाओं की जांच के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ता मनीष कुमार, कार्यपालक अभियंता सिंचाई प्रमंडल भूतनाथ रजक, सहायक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग विजय कुमार सिंह, कनीय अभियंता लघु सिंचाई प्रमंडल शादाब हसन को टीम में शामिल किया गया है. वहीं महेशपुर व पाकुड़िया में संचालित योजनाओं के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी अभिषेक सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता जितेंद्र कुमार महतो, सहायक अभियंता जमील अख्तर व कनीय अभियंता ओम प्रकाश कुमार को जांच दल में शामिल किया गया है. उपायुक्त ने जांच दल को निर्देश दिया है कि डीएमएफटी अन्तर्गत क्रियान्वित सभी योजनाओं की गहनता पूर्वक स्थल जांच करते हुए विस्तृत प्रतिवेदन स्पष्ट मंतव्य के साथ एक सप्ताह के अंदर अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध करायेंगे. नोडल पदाधिकारी, डीएमएफटी कोषांग, पाकुड़ को संबंधित सभी योजनाओं की सूची, प्राक्कलन की प्रति एवं मापी पुस्तिका इत्यादि जांच दल को अविलंब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.

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