सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श में फर्क को समझें

Updated at : 10 Apr 2019 12:50 AM (IST)
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सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श में फर्क को समझें

लोहरदगा : होप संस्था एवं माई च्वाईस फाउंडेशन के तत्वावधान में जिला में सुरक्षित गांव जागरूकता कार्यक्रम भंडरा प्रखंड के पलमी विद्यालय में चलाया गया. कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न विद्यालयों एवं गांवों में जाकर बच्चों तथा ग्रामवासियों के बीच जागरूकता लाने, ट्रैफिकिंग, मानव तस्करी के रोक से संबंध में जानकारी दी गयी. मौके पर […]

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लोहरदगा : होप संस्था एवं माई च्वाईस फाउंडेशन के तत्वावधान में जिला में सुरक्षित गांव जागरूकता कार्यक्रम भंडरा प्रखंड के पलमी विद्यालय में चलाया गया. कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न विद्यालयों एवं गांवों में जाकर बच्चों तथा ग्रामवासियों के बीच जागरूकता लाने, ट्रैफिकिंग, मानव तस्करी के रोक से संबंध में जानकारी दी गयी.

मौके पर कहा गया कि संस्था द्वारा महिलाओं, किशोरियों एवं बच्चों को सुरक्षित माहौल प्रदान करने की दिशा में काम किया जा रहा है. मौकेपर उपस्थित बच्चों, किशोरियों को संबोधित करते हुए होप संस्था की मनोरमा एक्का ने कहा कि सुरक्षित स्पर्श और असुरक्षित स्पर्श में फर्क समझें. उन्होंने ट्रैफिकिंग तथा बेटियों और स्त्रियों के सम्मान के संबंध में भी जानकारी दी.

मनोरमा एक्का ने कहा कि हम सभी गरीब हों या अमीर सभी को हमारा भारतीय संविधान बराबरी का अधिकार देता है, जिसके तहत सभी को शिक्षा पाने एवं अपनी बातों को रखने का अधिकार है. कार्यक्रम को सफल बनाने में होप टीम के सदस्य अरविंद वर्मा, उज्जवल कुशवाहा, रोशन शर्मा, इंदु उरांव, किसिया उरांव, खुर्शीदा आरा बेगम, प्रीति उरांव, सोनम दुलारी उरांव, संगीता देवी, शिक्षिका सुनीता आभा बलमुचु सहित अन्य शिक्षकों ने योगदान दिया.

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