लोहरदगा : नदी महोत्सव सह वृहत वृक्षारोपण अभियान के तहत जिले के सदर प्रखंड के जुरिया कोयल नदी के तट पर वन विभाग के तत्वावधान में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया. मौके पर बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री सुदर्शन भगत, विशिष्ठ अतिथी राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्रीचंद प्रजापति, नगर परिषद अध्यक्ष अनुपमा भगत एवं उपायुक्त विनोद कुमार, डीएफओ विकास कुमार उज्जवल ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया.
मौके पर मंत्री सुर्दशन भगत ने कहा की झारखंड सरकार के निर्देश पर आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम के जरिये पूरे राज्य के 24 जिलों के 24 नदियों के तट पर एक साथ वृक्षारोपण किया जा रहा है. श्री भगत ने कहा कि यह कार्यक्रम दो जुलाई से 15 अगस्त तक चलेगा. इसमें झारखंड की नदियों के तट पर ढाई करोड़ पौधे लगाये जायेंगे. श्री भगत ने कहा कि पौधरोपण से नदियों के किनारों का कटाव नहीं हो पायेगा. वर्तमान में बरसात के दिनों में बरसाती पानी से अचानक नदियों में तेजी से पानी का बहाव होता है. जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. जो तट पर पौधरोपण कराने से भविष्य में उसका कटाव रुकेगा और नदी के तट पर बसे गांवों, खेतों को बाढ़ के पानी के कारण होनेवाले नुकसान से
राहत मिलेगी.
केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत ने कहा कि नदी के तट पर पौधरोपण होने से पर्यावरण पर इसका असर पड़ेगा. श्री भगत ने कहा कि वर्तमान में कल-कारखानों सहित अनेक कारणों से नदी का जल दूषित होता जा रहा है. नदियों के अस्तित्व में खतरा मंडरा रहा है. नदियों के आस पास का वातावरण प्रदूषित हो रहा है. जिसके रोक थाम के उद्देश्य से वृक्षारोपण कर जलवायु एवं वायु प्रदूषण को रोकने में नदी के तट पर लगाये गये पौधे सहायक साबित होंगे. मौके पर राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कहा की नदी के तट पर वृक्षारोपण होने से वन क्षेत्र में वृद्वि होगा. वर्तमान में जंगलों से वृक्षों के कटने के कारण वन्य जीव शहर की ओर कूच कर रहे हैं. नदी के तट पर वृक्षारोपण होने से भविष्य में इसके सुखद परिणाम सामने आयेंगे. नदियों का कटाव रूकेगा, वन क्षेत्र का दायरा बढ़ेगा. जन जीवन में पर्यावरण का अच्छा प्रभाव पड़ेगा. माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्रीचंद प्रजापति ने कहा की नदियों के तट पर वृक्षारोपण कार्यक्रम से लोगों में वृक्षों के प्रति
जागरूकता बढ़ेगी.
श्री प्रजापति ने कहा की झारखंड सरकार के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम से लोगों में नदियों एवं वन क्षेत्र के प्रति जागरूकता बढ़ेगी. नदियों के किनारे खेती, किसानी कर रहे कृषकों को फसल के नुकसान से निजात मिलेगी. श्री प्रजापति ने कहा कि झारखंड के ज्यादातर नदियां जंगलों व पहाड़ों से होकर गुजरती है. बरसात के दिनों में जंगलों व पहाड़ों से तेजी से पानी नदियों में उतरता है. जिसके कारण तुरंत ही नदियों में उफान के साथ बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है.
नदी के तट पर खेती व फसल का नुकसान काफी हो जाता है. तट पर वृक्षा रोपण होने से इन स्थितियों से लोगों को राहत मिलेगी. मौके पर नगर परिषद अध्यक्ष अनुपमा भगत ने कहा कि यह कार्यक्रम नदियों के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरा कम होगा. नदियों का अस्तित्व तटों के कटाव नहीं होने से बरकरार रहेगा. वृक्षारोपण कार्यक्रम का लाभ लोगों को आने वाले भविष्य में मिलेगा. मौके पर उपायुक्त विनोद कुमार ने कहा कि वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के तत्वावधान में शुरू किया. यह अभियान तय समय पर पूरा कर लिया जायेगा. जिले के विभिन्न नदियों के तटों पर 10 किलोमीटर की दूरी पर 30 हजार पौधा लगाने का लक्ष्य रखा गया है. उपायुक्त ने कहा की सरकार के द्वारा यह अभियान दो जुलाई से 15 अगस्त चलाया जायेगा.
नदी के तट पर पौधा लगाने के पश्चात उसके बड़े होने तक ध्यान रखा जायेगा. ताकि पौधे जब बड़े हो जायेंगे. तो ही इसका लाभ लोगों को मिल सकेगा. वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास कुमार ने सरकार के इस पौधरोपण कार्यक्रम के महत्व पर रोशनी डालते हुए कहा कि पौधरोपण का लक्ष्य वन क्षेत्र में वृद्धि करना है. इसके साथ ही नदियों का अस्तित्व भी बरकरार रखने में मदद मिलेगी.
पुस्तक का विमोचन किया गया
नदी महोत्सव सह वृहत पौधरोपण अभियान कार्यक्रम के मौके पर झारखंड सरकार के पुस्तक का विमोचन अतिथियों के द्वारा किया गया. पुस्तक विमोचन के मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री सुदर्शन भगत, राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्रीचंद प्रजापति, नप अध्यक्ष अनुपमा भगत, डीएफओ विकास कुमार उज्ज्वल एवं बीस सूत्री उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद मुख्य रूप से उपस्थित थे.
छात्रों व ग्रामीणों ने भी लगाये पौधे
इस अवसर पर डीएवी स्कूल एवं राजकीय कृत मध्य विद्यालय के छात्रों एवं ग्रामीणें के द्वारा भी पौधे लगाये गये. मौके पर केंद्रीय मंत्री रोजगार के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया गया. इस दौरान राजकिशोर महतो, चंद्रशेखर अग्रवाल, अमरेश भारती के अलावा कांग्रेसी नेता डॉ अजय शाहदेव, अशोक यादव, निशित जायसवाल, रेहान अख्तर, रेंजर लोहरदगा राजेन्द्र राम, रेंजर कुडू व बनारी, वनपाल हरेंद्र कुमार, राजेंद्र पासवान एवं वनरक्षी राजेन्द्र उरांव, चंद्रशेखर, किशोर, नंद कुमार, विकास राम, गौतम राम, आदित्य गोप, अर्जुन भगत, अनूप सहदेव, जयप्रकाश कुजूर आदि उपस्थित थे.