नेतरहाट विद्यालय में अब बेटियां भी रचेंगी इतिहास! नई नियमावली लागू, छात्राओं के लिए 33% सीटें फिक्स

Published by :Sameer Oraon
Published at :11 Apr 2026 5:55 PM (IST)
विज्ञापन
Netarhat School Jharkhand

झारखंड का नेतरहाट स्कूल

Netarhat School Jharkhand: नेतरहाट आवासीय विद्यालय के गौरव को वापस लौटाने की तैयारी चल रही है. झारखंड सरकार ने नई नियमावली 2026 को हरी झंडी दे दी है. अब विद्यालय में मेधावी बेटियों को 33 फीसदी आरक्षण मिलेगा और सीटों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी. नामांकन के लिए जैक दो चरणों में परीक्षा लेगा, जबकि शिक्षकों की बहाली जेपीएससी के जरिए होगी. पढ़ें, क्यों जरूरी था यह बदलाव और अब कैसे बदलेगी स्कूल की सूरत

विज्ञापन

Netarhat School Jharkhand, लातेहार: झारखंड सरकार ने नेतरहाट आवासीय विद्यालय की पुरानी कार्यप्रणाली में परिवर्तन करते हुए नई “विद्यालय प्रबंधन और संचालन नियमावली, 2026” को लागू कर दिया है. इस ऐतिहासिक फैसले की जानकारी प्रभात खबर ने पहले ही अपने पाठकों को दे दी थी, जिस पर आज आधिकारिक मुहर लग गई है. नई नियमावली के तहत अब पहली बार विद्यालय में छात्राओं को भी प्रवेश मिलेगा, जिनके लिए कुल सीटों में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है.

सीटों में भारी बढ़ोतरी का लक्ष्य

सरकार ने विद्यालय की क्षमता विस्तार के लिए एक समयसीमा तय की है. इसके तहत लक्ष्य रखा गया है कि अगले तीन वर्षों में विद्यालय की कुल सीटों को दोगुना और पांच वर्षों में इसे तिगुना कर दिया जाए. इससे पहले आखिरी बार वर्ष 1982 में सीटों में वृद्धि की गई थी.

Also Read: पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया और धालभूमगढ़ से भी उड़ान भरेगी विमान! AAI ने किया सर्वे, 24 अप्रैल को सौंपेंगी रिपोर्ट

परीक्षा की जिम्मेदारी JAC और नियुक्तियां JPSC के पास

प्रवेश प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लाने के लिए अब परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) को सौंपी गई है. सत्र 2026-27 से जैक दो चरणों (प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा) में वस्तुनिष्ठ (Objective) प्रश्न पूछेगा. वहीं, शिक्षकों और कर्मियों की स्थायी नियुक्ति झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के माध्यम से की जाएगी ताकि योग्य शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सके.

चार स्तरीय सुदृढ़ प्रबंधन ढांचा

विद्यालय के गिरते शैक्षणिक स्तर को सुधारने के लिए चार स्तरीय व्यवस्था बनाई गई है. इसके अनुसार एपेक्स बॉडी का गठन होगा. इसमें मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नीतिगत फैसले लिए जाएंगे. इसके अलावा सामान्य निकाय का भी गठन होगा. इसमें गठित टीम शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में कार्य करेगी. साथ ही साथ कार्यकारिणी समिति का भी गठन किया जाएगा. इसकी कमान 10 वर्ष के अनुभवी पूर्व छात्र (Alumni) के पास होगी, जिनका चयन ऑनलाइन आवेदन के जरिए होगा. एक टीम विद्यालय प्रबंधन समिति की होगी जो प्राचार्य की अध्यक्षता में रोजमर्रा के कार्यों का संचालन करेगी.

क्यों अनिवार्य था बदलाव?

जानकारी के मुताबिक विद्यालय के बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धि में लगातार आ रही गिरावट, शिक्षकों के रिक्त पद (लगभग 50% से अधिक), और योग्य संविदा शिक्षकों की कमी के कारण यह सख्त कदम उठाना पड़ा. सीबीएसई (CBSE) के अनुरूप प्रबंध समिति का अभाव और मेधावी छात्रों का स्कूल के प्रति घटता आकर्षण भी चिंता का विषय था. चूंकि, शैक्षणिक सत्र 2025-26 की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, इसलिए यह नई व्यवस्था सत्र 2026-27 से प्रभावी होगी.

Also Read: गिरिडीह में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, घूस लेते धरा गए मनरेगा के जेई

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola