पांच गांव के लोगों ने की ग्रामसभा, जमीन को नियंत्रण में लेने का लिया फैसला

Published by : SHAILESH AMBASHTHA Updated At : 27 May 2026 9:41 PM

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पांच गांव के लोगों ने की ग्रामसभा, जमीन को नियंत्रण में लेने का लिया फैसला

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चंदवा़ चतरो-अनगड़ा गांव में पावर प्लांट लगा रही एस्सार पावर (अब रश्मि मेटालिक) से प्रभावित अनगड़ा, अरधे, चतरो, तुपी, महुआमिलान व अंबाटांड़ के ग्रामीणों की ग्रामसभा बुधवार को सरहुलिया महुआ में हुई. इसकी अध्यक्षता चतरो ग्राम प्रधान प्रयाग गंझू ने की, जबकि संचालन राम दिवाली गंझू ने किया. बैठक में कंपनी की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जतायी गयी. ग्रामीणों ने कहा कि दो दशक पहले क्षेत्र के विकास व पावर प्लांट स्थापना के लिए पांच गांवों के रैयतों ने 21 सूत्री समझौते के तहत करीब 540 एकड़ जमीन दी थी. 2014 में कोल ब्लॉक रद्द होने के बाद काम बंद होने लगा, लेकिन विस्थापितों को लाभ मिलता रहा. बाद में एनसीएलटी के आदेश पर प्लांट नयी कंपनी ओडीशा एलॉय स्टील प्राइवेट लिमिटेड को सौंप दिया गया. आरोप है कि नयी कंपनी पूर्व समझौते को मानने से इनकार कर रही है और 31 मार्च 2025 से विस्थापितों का गुजारा भत्ता भी बंद कर दिया गया है. अंचल कार्यालय में हुई बैठकों के बावजूद कंपनी प्रबंधन प्रशासनिक आदेश नहीं मान रहा. ऐसे में ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि पेसा कानून के तहत इस जमीन से नयी कंपनी को बेदखल कर इसे ग्राम सभा के नियंत्रण में लिया जायेगा. इस दौरान ग्रामीणों ने कंपनी वापस जाओ के नारे भी लगाये. मौके पर अर्जुन मुंडा, बाबूलाल गंझू, रामवृक्ष गंझू, प्रेमशंकर भगत, अजित श्रीवास्तव, दीपू सिन्हा, मनमोहन, आशीष सिंह समेत कई रैयत मौजूद थे.

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