झुमरी तिलैया में LPG किल्लत और महंगाई की मार, मिठाइयां 20% महंगी

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :07 May 2026 7:27 PM (IST)
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Koderma News

झुमरी तिलैया में शुक्रवार से मिठाइयां हो जाएंगी महंगी.

Noamundi News: नोवामुंडी के बड़ा जामदा में 8 मई को विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित होगा. “प्रोजेक्ट जागृति” के तहत होने वाले इस शिविर का उद्देश्य चाईबासा ब्लड बैंक में रक्त की कमी दूर करना और लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक बनाना है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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कोडरमा से विकास कुमार की रिपोर्ट

Koderma News: झारखंड के कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया में अब मिठाइयां खरीदना लोगों की जेब पर भारी पड़ने वाला है. लगातार बढ़ती महंगाई और उत्पादन लागत में इजाफे के कारण शहर के मिठाई व्यवसायियों ने मिठाइयों की कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है. नई दरें शुक्रवार आठ मई से लागू होंगी. इस फैसले के बाद त्योहारों, शादी-विवाह और अन्य आयोजनों में मिठाइयों की खरीदारी करने वाले लोगों को पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी.

मिठाई व्यवसायियों की बैठक में लिया गया निर्णय

मूल्य वृद्धि को लेकर शहर के मिठाई व्यवसायियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बाईपास रोड स्थित शिव वाटिका में आयोजित की गई. बैठक में शहर के कई प्रमुख मिठाई दुकानदार शामिल हुए. चर्चा के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि बढ़ती लागत के कारण अब मिठाइयों के पुराने दाम पर कारोबार चलाना संभव नहीं है. व्यवसायियों ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने मिठाई कारोबार को गंभीर संकट में डाल दिया है. खासकर व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी वृद्धि ने उत्पादन लागत को काफी बढ़ा दिया है.

कॉमर्शियल गैस सिलेंडर बना बड़ी समस्या

बैठक में मौजूद कारोबारियों ने बताया कि पहले की तुलना में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत लगभग डेढ़ गुना तक बढ़ चुकी है. गैस सिलेंडर मिठाई निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके महंगे होने से सीधे तौर पर उत्पादन लागत प्रभावित हुई है. व्यवसायियों का कहना है कि सिर्फ गैस ही नहीं बल्कि दूध, खोवा, घी, चीनी, तेल, ड्राई फ्रूट्स, मैदा और बेसन जैसी आवश्यक सामग्री की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इससे मिठाई तैयार करने का खर्च पहले के मुकाबले काफी अधिक हो गया है.

बिजली, मजदूरी और पैकेजिंग खर्च भी बढ़े

मिठाई व्यवसायियों ने बताया कि बढ़ती मजदूरी दर, बिजली बिल में वृद्धि, पैकेजिंग सामग्री की महंगी कीमत और परिवहन खर्च ने भी कारोबार को प्रभावित किया है. इन सभी कारणों से दुकानदारों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. कारोबारियों का कहना है कि अब तक ग्राहकों की सुविधा को देखते हुए पुराने दाम पर ही मिठाइयां बेची जा रही थीं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा करना संभव नहीं रह गया है.

गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बढ़ानी पड़ी कीमत

कैलाश चौधरी ने कहा कि मिठाइयों की गुणवत्ता और शुद्धता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि घटिया सामग्री का उपयोग कर कीमत नियंत्रित करना उचित नहीं होगा, इसलिए मजबूरी में दाम बढ़ाने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने ग्राहकों से सहयोग और समझदारी की अपील करते हुए कहा कि व्यवसायी हमेशा बेहतर गुणवत्ता की मिठाइयां उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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कई व्यवसायी रहे मौजूद

बैठक में विकास सेठ, सुजीत लोहानी, अमित खेतान, रंजीत मोदी, राजा सिंह, संतोष गुप्ता, राजू मोदी और वीर कुमार सहित शहर के कई मिठाई व्यवसायी मौजूद रहे. सभी ने एकमत होकर कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच कारोबार को बचाए रखने के लिए मूल्य वृद्धि जरूरी हो गई है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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