बांसती दुर्गा पूजा की तैयारी पूरी, नवरात्र आज से
Published by : VIKASH NATH Updated At : 18 Mar 2026 6:44 PM
वासंती नवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख और पावन पर्व है, जो इस वर्ष 19 मार्च से प्रारंभ होगा. यह त्योहार देवी शक्ति की आराधना, श्रद्धा और आध्यात्मिक साधना का प्रतीक माना जाता है
जयनगर. वासंती नवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख और पावन पर्व है, जो इस वर्ष 19 मार्च से प्रारंभ होगा. यह त्योहार देवी शक्ति की आराधना, श्रद्धा और आध्यात्मिक साधना का प्रतीक माना जाता है. नौ दिनों तक भक्तजन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं. चैत्र नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना कर मां दुर्गा का आह्वान किया जाता है, जिसके बाद व्रत, जप, तप और पूजा का क्रम चलता रहता है.
इस दौरान श्रद्धालु अपने घरों और मंदिरों में कलश स्थापित कर दुर्गा सप्तशती का पाठ, भजन-कीर्तन और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का क्रम इस प्रकार है-पहले दिन मां शैलपुत्री, दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन मां चंद्रघंटा, चौथे दिन मां कुष्मांडा, पांचवें दिन मां स्कंदमाता, छठे दिन मां कात्यायनी, सातवें दिन मां कालरात्रि, आठवें दिन मां महागौरी और नौवें दिन मां सिद्धिदात्री. धार्मिक मान्यता है कि इन नौ दिनों में सच्चे मन से मां दुर्गा की आराधना करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि, शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
नवरात्रि के अवसर पर मंदिरों और पूजा पंडालों में विशेष सजावट की जाती है. सुबह-शाम आरती, भजन-कीर्तन और दुर्गा सप्तशती पाठ का आयोजन होता है. कई स्थानों पर सामूहिक पूजा, जागरण और धार्मिक आयोजन होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. नवमी और दशमी के दिन हवन, पूजन और कन्या पूजन का विशेष महत्व है. श्रद्धालु नौ कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करते हैं और भोजन कराकर व्रत का समापन करते हैं.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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