उपाध्यक्ष चुनाव में भी बैकफुट पर भाजपा, किया सरेंडर

नगर निकाय चुनाव में जिले के तीन निकायों में सबसे हॉट सीट माने जाने वाले झुमरीतिलैया नगर परिषद में अध्यक्ष पद के बाद अब उपाध्यक्ष पद पर भी भाजपा पूरी तरह क्लीन बोल्ड हो गयी है.
———————– झुमरीतिलैया नगर परिषद चुनाव में राजद की सटीक रणनीति ने किया क्लीन बोल्ड शुरुआत में ही कई पार्षदों को मनोहर राम के पक्ष में कर लिया गया था गोलबंद ————————- विकास, कोडरमा. नगर निकाय चुनाव में जिले के तीन निकायों में सबसे हॉट सीट माने जाने वाले झुमरीतिलैया नगर परिषद में अध्यक्ष पद के बाद अब उपाध्यक्ष पद पर भी भाजपा पूरी तरह क्लीन बोल्ड हो गयी है. यूं कहें कि उपाध्यक्ष चुनाव में भाजपा पूरी तरह बैकफुट पर दिखी और अंतिम समय में भाजपा खेमे के माने जाने वाले कुछ पार्षदों ने सरेंडर वाली स्थिति बना राजद की राह आसान कर दी. वैसे राजद ने अपनी सटीक रणनीति से उपाध्यक्ष का पद अपने मन मुताबिक पार्षद को दिलाने में सफलता हासिल कर ली. राजद ने न सिर्फ वार्ड नंबर 21 के पार्षद मनोहर कुमार राम उर्फ बाबू राम की जीत सुनिश्चित की, बल्कि निर्विरोध निर्वाचन करा बड़ी लकीर खींच दिया. इस रणनीति को भविष्य में होने वाले चुनावों से जोड़ कर देखा जा रहा है. जानकारी के अनुसार निकाय चुनाव को लेकर 27 फरवरी को हुई मतगणना के बाद शहर के 28 वार्ड से पार्षदों का निर्वाचन हुआ. निर्वाचन के दिन से ही उपाध्यक्ष पद को लेकर लॉबिंग शुरू हो गई थी. शुरुआत में इस पद को लेकर तीन दावेदारों का नाम प्रमुख रूप से सामने आया था. हालांकि, बाद में दो नाम मनोहर कुमार राम व वार्ड नंबर 10 से लगातार तीन बार पार्षद बनी पिंकी जैन को ही दावेदार माना जा रहा था. दोनों ओर से पार्षदों को अपने पक्ष में गोलबंदी करने का प्रयास किया गया. मनोहर कुमार राम की तरफ से अंदर खाने राजद नेता व विधानसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे सुभाष यादव व अन्य ने दमखम लगाया तो पिंकी जैन के लिए भाजपा के वरीय नेताओं के द्वारा भी प्रयास किए जाने की बात सामने आई. होली के अवसर पर भाजपा खेमे के माने जाने वाले कुछ पार्षदों ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सह सांसद अन्नपूर्णा देवी के आवास पर हाजिरी भी लगाई, लेकिन असल खेल करने में राजद सफल रहा. शुरुआत के कुछ दिनों में ही साफ होने लगा कि अधिकतर पार्षदों को अपने पक्ष में मैनेज करने में मनोहर राम सफल हो गये हैं. उपाध्यक्ष के निर्धारित चुनाव के तीन दिन पूर्व तक यह साफ हो गया था कि उनके पक्ष में करीब 22 पार्षद आ गये हैं. बावजूद निर्विरोध निर्वाचन न हो इसके लिए पिंकी जैन के द्वारा चुनाव में नामांकन किये जाने की बात सामने आयी. एक दिन पूर्व तक पिंकी जैन ने बयान जारी कर पार्षदों से आत्म मंथन कर उपाध्यक्ष पद के लिए मतदान करने की अपील जारी की, पर रातों रात ऐसा खेल बिगड़ा कि पिंकी जैन ने भी अंतिम समय में नामांकन दाखिल नहीं किया और मनोहर राम निर्विरोध उपाध्यक्ष चुन लिये गये. इस निर्वाचन के बाद जिले के राजनीतिक हलके में अलग तरह की चर्चा तेज हो गयी है. बताया जाता है कि भाजपा खेमे के माने जाने वाले कुछ नव निर्वाचित पार्षदों ने भी अंतिम समय में पाला बदल लिया इस वजह से पिंकी जैन ने नामांकन दाखिल नहीं किया. अध्यक्ष पद पहले ही गंवा चुकी है भाजपा बता दें कि झुमरीतिलैया नगर परिषद में अध्यक्ष का पद भाजपा पहले ही गंवा चुकी है. भाजपा समर्थित प्रत्याशी पंकज वर्णवाल चुनाव परिणाम में चौथे स्थान पर रहे थे, जबकि भाजपा से ही जुड़े रहे रमेश हर्षधर ने पार्टी से अलग होकर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. राजनीतिक जानकारों की मानें तो रमेश हर्षधर भले ही भाजपा से बागी होकर लड़े और जीत हासिल की, पर उनकी जीत से पार्टी के बड़े वर्ग को जोर का झटका लगा है. अब उपाध्यक्ष पद भी भाजपा गंवा बैठी. यह हाल तब है जब कोडरमा में भाजपा का सांसद व विधायक इलाके का प्रतिनिधित्व करते हैं. वहीं दूसरी ओर राजद नेता सुभाष यादव अपने खेमे का अध्यक्ष निर्वाचित नहीं होने पर उपाध्यक्ष पद को लेकर पूरी तरह रेस दिखे. जीत के बाद सीधे सुभाष यादव के आवास पहुंचे मनोहर राम वार्ड नंबर 21 के पार्षद मनोहर कुमार राम को उपाध्यक्ष बनाने में राजद नेता सुभाष यादव का क्या योगदान रहा यह निर्विरोध निर्वाचन व शपथ ग्रहण के बाद तुरंत दिखा. प्रखंड सभागार के बाहर जहां राजद के कई नेता मौजूद दिखे, वहीं निर्वाचन के बाद मनोहर राम सीधे राजद नेता सुभाष यादव के विशुनपुर रोड स्थित आवास पहुंचे. यहां सुभाष यादव ने मिठाई खिलाकर उन्हें बधाई दी और शहर के विकास में बढ़चढ़कर भागीदारी निभाने के लिए काम करने की बात कही. इस दौरान कुछ पार्षद भी मौजूद थे.
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