कोडरमा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में इन दिनों चलाये जा रहे आठ दिवसीय नशा मुक्ति अभियान के तहत बुधवार को तीसरे दिन पूतो गांव में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार थे. उन्होंने कहा कि विधिक जागरूकता शिविर का उद्देश्य आम नागरिकों, विशेष कर युवाओं को नशीले पदार्थों से होने वाले दुष्प्रभावों तथा इसे संबंधित कानून की जानकारी देनी है. उन्होंने कहा कि नशा आज समाज की सबसे बड़ी सामाजिक बुराइयों में से एक बन चुका है. उन्होंने बताया कि नशे के कारण अपराध, घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाएं और आर्थिक तंगी बढ़ रही है, विशेष रूप से युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय है, जो उनके भविष्य और करियर को अंधकार में धकेल रही है. वहीं अधिवक्ता नवल किशोर ने कहा कि नशे के सेवन से व्यक्ति का मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है, और सही गलत के बीच फर्क का पता नहीं चलता है. वहीं अधिवक्ता किरण कुमारी ने उपस्थित महिलाओं से अपील की कि नशा खोरी के विरुद्ध अभियान चला कर नशा मुक्ति जिला व राष्ट्र के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभायें. वहीं राजेंद्र मंडल ने कहा कि नशा से पूरा परिवार बिखर जाता है इससे सामाजिक आर्थिक और मानसिक क्षति होती है. वहीं अधिवक्ता अरुण कुमार ओझा ने सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी. कार्यक्रम की अध्यक्षता मुखिया अनीता देवी ने की. मुखिया ने सभी ग्रामीणों को नशा मुक्त समाज के लिए शपथ दिलवाई. मौके पर न्यायालय कर्मी संतोष कुमार सिंह, ऋषिकेश मिश्रा, अधिवक्ता विवेक कुमार सहित दर्जनों महिलाएं मौजूद थी.
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