गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना बड़ी चुनौती : आराधना

Updated at : 23 Apr 2016 5:33 AM (IST)
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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना बड़ी चुनौती : आराधना

विद्यालय चलें, चलायें अभियान कार्यक्रम का लिया जायजा कोडरमा बाजार : सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एक चुनौती बनी हुई है, पर राज्य सरकार इस पर गंभीर है. हर हाल में सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जायेगी. इसके लिए सबसे पहले स्कूलों में मूलभूत सुविधा बहाल की जा रही है. आज भी राज्य के […]

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विद्यालय चलें, चलायें अभियान कार्यक्रम का लिया जायजा
कोडरमा बाजार : सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एक चुनौती बनी हुई है, पर राज्य सरकार इस पर गंभीर है. हर हाल में सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जायेगी. इसके लिए सबसे पहले स्कूलों में मूलभूत सुविधा बहाल की जा रही है. आज भी राज्य के कई विद्यालयों में शिक्षक, बिजली, बेंच डेस्क आदि की कमी है. सरकार की मंशा है सबसे पहले इन समस्याओं के समाधान. आनेवाले दिनों में सरकारी विद्यालयों में कई परिवर्तन देखने को मिलेगा.
उक्त बातें राज्य सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की सचिव आराधना पटनायक ने स्थानीय परिसदन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही. आराधना पटनायक जिले में चल रहे विद्यालय चलें, चलायें अभियान कार्यक्रम का निरीक्षण करने शुक्रवार की सुबह कोडरमा पहुंची थी. इसके बाद जयनगर व मरकच्चो प्रखंड के कई विद्यालयों का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि स्कूलो में आधारभूत संरचना बहाल होते ही निजी विद्यालयों की तर्ज पर सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास शुरू किया जायेगा. कई विद्यालयों में यह शुरू भी हो चुका है.
स्कूली बच्चों को एक्स्ट्रा एक्टिविटी भी करायी जायेगी. वार्षिक कैलेंडर बनाया जायेगा. उन्होंने कहा कि आज के समय में किताबी ज्ञान के अलावा नैतिक ज्ञान भी बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिए जरूरी है. उन्होंने कहा कि स्कूल चलें, चलायें अभियान के प्रथम चरण में ड्राप आउट बच्चों को स्कूलों में नामांकन करवाना है, जबकि दूसरे चरण में नवनामांकित बच्चों के स्कूलों में ठहराव तथा उन्हें बेहतर शिक्षा देने पर विशेष फोकस रहेगा.
अभियान के दूसरे चरण में यदि कोई बच्चा लगातार तीन दिन तक बिना सूचना के स्कूल नहीं आता है, तो शिक्षक उसके घर जायेंगे. कारण जानने की कोशिश करेंगे कि किस कारण से वह स्कूल नहीं आ रहा है. स्कूलों में नियमित रूप से नहीं आने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की जायेगी. इस दौरान परिसदन में डीसी संजीव कुमार बेसरा, डीइओ पीपी झा, एडीपीओ नलिनी रंजन भी मौजूद थे.
कम उपस्थिति देख जतायी नाराजगी : शिक्षा सचिव ने जयनगर और मरकच्चो प्रखंड के कई स्कूलों का निरीक्षण कर स्कूल चलें, चलायें अभियान का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने मध्य विद्यालय चंद्रा जयनगर में बच्चों की कम उपस्थिति देख नाराजगी व्यक्त करते हुए शिक्षकों की कार्यशैली में बदलाव लाने तथा कम से कम 80 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. मौके पर मौजूद बच्चों से मध्यान भोजन समेत कई चीजों की जानकारी ली. यहां उन्होंने एक बच्चे का खुद नामांकन किया.
शिक्षक नियुक्ति में गड़बड़ी करनेवालों पर होगी कार्रवाई
प्रेस वार्ता के दौरान शिक्षा सचिव ने कहा कि कोडरमा समेत राज्य के कई जिलों से शिक्षक नियुक्ति में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर संबंधित जिलों के डीसी को मामले की जांच करने का आदेश दिया गया है.
जांच चल रही है. इस मामले में जो भी दोषी होंगे, उन्हें किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जायेगा. उन्होंने कहा कि उच्च विद्यालयों में शीघ्र ही 18000 शिक्षकों की बहाली की जायेगी. स्थानीय निति तय होने के बाद सभी जिलों के डीसी को रोस्टर तैयार करने को कहा गया है. अब शिक्षकों की बहाली जिला स्तर पर होगी
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