ढोल-नगाड़ा और सरहुल के गीतों की धुन पर जम कर थिरके लोग

Updated at : 21 Mar 2026 7:06 PM (IST)
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ढोल-नगाड़ा और सरहुल के गीतों की धुन पर जम कर थिरके लोग

जिले में शनिवार को धूमधाम से सरहुल मनाया गया.

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खूंटी.

जिले में शनिवार को धूमधाम से सरहुल मनाया गया. इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर विधिवत गांव के पहान और सरना धर्म गुरु की अगुवाई में पूजा की गयी. सुबह घड़ों में रखे सगुन जल का अवलोकन कर पहानों ने मध्यम बारिश और अच्छी खेती होने की भविष्यवाणी की. इसके बाद शोभायात्रा निकाली गयी. खूंटी में सरहुल पूजा महासमिति के तत्वावधान में विभिन्न गांवों के पहानों की अगुवाई में सखुआ फूल, अरवा चावल, जल व सरना झंडों के साथ कचहरी मैदान में एकत्र हुए. जहां बड़ी संख्या में लोग सखुआ फूल, अरवा चावल, जल और सरना झंडे के साथ शामिल हुए. यही से शोभायात्रा निकाली गयी. शोभायात्रा में लोग बड़ी संख्या पारंपारिक परिधान के साथ शामिल हुए. ढोल-नगाड़ा और डीजे में सरहुल गीतों के धुन पर जमकर थिरके. शोभायात्रा कचहरी मैदान से बाजार टांड़, भगत सिंह चौक होते हुये नेताजी चौक तक गयी. जहां स्थापित स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं में सखुआ फूल अर्पित किया गया. इसके बाद शोभायात्रा वापस कचहरी मैदान आकर समाप्त हुआ. अवसर पर धर्मगुरु बगरय मुंडा ने कहा कि सरहुल को प्रेम और भाईचारा के साथ मनाना चाहिए. मौके पर सुगुन दास मुंडा, सुधा मुंडू, मथुरा कंडीर, सनिका बोदरा, विश्राम टुटी, कुंवर पहान, फागुनी हस्सा सहित अन्य उपस्थित थे.

बिरसा कॉलेज छात्रावास में मना सरहुल

खूंटी के बिरसा कॉलेज आदिवासी छात्रावास में शनिवार को हर्षोल्लास के साथ सरहुल का त्योहार मनाया गया. इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत मुंडारी प्रोफेसर काली मुंडू और वासुदेव हस्सा ने विधिवत पूजा-अर्चना कर किया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित खूंटी विधायक रामसूर्या मुंडा ने कहा कि सरहुल आदिवासी समाज की आत्मा है. यह पर्व हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की सीख देता है. उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है. कार्यक्रम में पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियों ने सामूहिक नृत्य और लोकगीत प्रस्तुत किया. इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य सीके भगत, राजकुमार गुप्ता, दुबराज सिंह मुंडा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे.

पहानों ने मध्यम बारिश और अच्छी खेती होने की भविष्यवाणी की

स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं में सखुआ फूल अर्पित किया गया

सखुआ फूल, अरवा चावल, जल व सरना झंडे के साथ शामिल हुए लोग

स्लग ::: पारंपरिक विधि-विधान से जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया सरहुल B

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