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अफीम की खेती के लिए बदनाम खूंटी के लोगों से गृह सचिव वंदना डाडेल की अपील, ऐसे बनाएं नशामुक्त झारखंड

Updated at : 18 Jan 2025 8:13 PM (IST)
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खूंटी में अफीम की खेती नहीं करने का संकल्प दिलातीं गृह सचिव वंदना डाडेल

खूंटी में अफीम की खेती नहीं करने का संकल्प दिलातीं गृह सचिव वंदना डाडेल

झारखंड के खूंटी जिले में अफीम की खेती पर रोक लगाने के लिए संगोष्ठी आयोजित की गयी. झारखंड की गृह सचिव वंदना डाडेल ने कहा कि यह जिला सुंदर यादों के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब अफीम की खेती के लिए बदनाम हो चुका है. उन्होंने इसकी खेती नहीं करने की अपील की.

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खूंटी, चंदन कुमार: झारखंड के खूंटी जिले में अफीम की खेती पर लगाम लगाने और पूरी तरह से नष्ट करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किया जा रहा है. नशा मुक्त झारखंड के तहत शनिवार को खूंटी के नगर भवन में गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की प्रधान सचिव वंदना डाडेल की अध्यक्षता में संगोष्ठी आयोजित की गयी. इसमें खूंटी जिले के ग्राम प्रधान, मुखिया और अन्य पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए. वंदना डाडेल ने कहा कि वे खुद कर्रा के कच्चाबारी गांव की हैं. खूंटी हमेशा सुंदर यादों से जुड़ा रहा है, लेकिन अब अफीम की खेती के लिए बदनाम हो गया है. उन्होंने कहा कि अफीम की अवैध खेती को रोकने के लिए सभी विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रहे हैं. ग्रामीण जनप्रतिनिधि एवं ग्राम प्रधानों की सहभागिता के बगैर अफीम की खेती को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता है. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से ग्रामीणों को जागरूक करने को कहा.

अफीम की खेती नहीं करें, होगी कड़ी कार्रवाई-डीजीपी


झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कहा कि अफीम, उग्रवाद और मानव तस्करी खूंटी जिले की तीन मुख्य समस्याएं हैं. उन्होंने उग्रवादी गतिविधियों में शामिल युवाओं से आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की. अफीम माफियाओं ने खूंटी जिले में सुदूरवर्ती भोले-भाले ग्रामीणों को प्रलोभन देकर अफीम की खेती की शुरुआत कराई. उन्होंने अफीम की खेती बंद करने की अपील की. नहीं मानने पर अफीम की खेती करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

अफीम की खेती नहीं करने का संकल्प


कृषि, पशुपालन एवं सहाकारिता विभाग के सचिव अबू बकर सिद्धिकी ने ग्रामीणों से अफीम की खेती छोड़कर वैकल्पिक खेती अपनाने का आग्रह किया. उपायुक्त लोकेश मिश्र ने कहा कि जिले में अफीम की खेती एक सामाजिक समस्या बन चुकी है. इसका निपटारा सामाजिक तौर पर ही किया जा सकता है. एसपी अमन कुमार ने लोगों से अपने परिवार, समाज और जिला के लिए अफीम की खेती से स्वयं को दूर रहने की अपील की. इस अवसर पर सभी अधिकारी, ग्राम प्रधान, मुखिया और पंचायत प्रतिनिधियों ने अफीम की खेती नहीं करने का संकल्प लिया. मौके पर जिले के अधिकारी, बीडीओ, सीओ, थाना प्रभारी सहित अन्य उपस्थित थे.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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