कुड़माली को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

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अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को कुड़माली दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया.

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तमाड़. प्रखंड के रायडीह मोड़ में आदिवासी कुड़मी समाज द्वारा शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को कुड़माली दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर कुड़मालि भाषा के संरक्षण, प्रचार-प्रसार एवं पुनर्जागरण का संकल्प लिया गया तथा इसे संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की गयी. समाजसेवी हरेकृष्ण महतो ने कहा कि कुड़माली हजारों वर्षों से कुड़मी जनजाति की मातृभाषा रही है. जो छोटानागपुर, कोल्हान, संथाल परगना, जंगल महल, ओड़िशा एवं असम तक प्रचलित है. केंद्रीय संरक्षक दानी सिंह महतो ने पूर्वजों की विरासत को बचाए रखने पर जोर दिया. डॉ नंद किशोर महतो ने कहा कि भाषा बचेगी तो संस्कृति भी सुरक्षित रहेगी. कार्यक्रम में अधिवक्ता गोबिंद महतो, दुखहरण महतो, झरीराम महतो, जगन्नाथ महतो, सत्यनारायण महतो, राजकिशोर महतो, कौशल कुमार, प्रियम कुमार महतो सहित कई लोग उपस्थित थे.

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