SIR पर कलकत्ता हाईकोर्ट में हाई लेवल मीटिंग, 9 मार्च तक लीगल ऑफिसर्स की छुट्टियां रद्द

Updated:
विज्ञापन

हाई लेवल बैठक के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने डिस्ट्रिक्ट और सेशन जजों की छुट्टियां कर दी रद्द. फोटो : प्रभात खबर

SIR Bengal: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कलकत्ता हाईकोर्ट में शनिवार को एक हाई लेवल मीटिंग हुई. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य की मुख्य सचिव, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी समेत अन्य सीनियर ऑफिसर्स शामिल हुए. बैठक में क्या हुआ, जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट.

विज्ञापन

SIR Bengal: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर शनिवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में एक हाई लेवल मीटिंग हुई. यह मीटिंग सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई है. अधिकारियों ने बताया है कि हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल की अध्यक्षता में हुई बैठक का उद्देश्य एसआईआर की मॉनिटरिंग के लिए एक स्ट्रक्चर बनाना है. बैठक के बाद हाईकोर्ट ने एक पेज का आदेश जारी किया. इसमें कहा गया है कि 21 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक सभी लीगल ऑफिसर्स की छुट्टियां रद्द रहेंगी. मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में ही छुट्टी मिलेगी.

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई बैठक

यह बैठक सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के बाद हुई है, जिसमें कहा गया था कि वोटर लिस्ट के एसआईआर के शेष चरण न्यायिक अधिकारियों और पूर्व जजों की देखरेख में होने चाहिए. बैठक में मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था ‘असाधारण’ निर्देश

पश्चिम बंगाल के सीईओ ने कहा कि इस बैठक से सभी हितधारकों को अपने विचार रखने और मौजूदा जटिलताओं को सुलझाने के साथ-साथ आगे की राह के बारे में स्पष्ट निर्देश प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच जारी गतिरोध पर नाराजगी जताते हुए राज्य में एसआईआर प्रक्रिया में आयोग की सहायता के लिए लीगल ऑफिसर्स और पूर्व जिला जजों को तैनात करने का शुक्रवार को ‘असाधारण’ निर्देश दिया था.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

कलकत्ता हाईकोर्ट को सुप्रीम कोर्ट ने दिये ये निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट से कहा था कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर के काम में सहायता के लिए कुछ लीगल सर्विस के ऑफिसर्स को कुछ दिनों के लिए काम से मुक्त करें और कुछ पूर्व जजों की खोज करें. सुप्रीम कोर्ट की 3 जजों की पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार ने एसआईआर के लिए ‘ए’ श्रेणी के पर्याप्त अधिकारी उपलब्ध नहीं कराये, तो सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्त ऐतराज जताया.

SIR Bengal: डेप्यूट होंगे लीगल ऑफिसर्स

शुक्रवार के अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल को निर्देश दिया था कि वह शनिवार को एक बैठक बुलायें. इसमें एसआईआर प्रक्रिया में न्यायिक अधिकारियों (लीगल ऑफिसर्स) की प्रतिनियुक्ति को अंतिम रूप दें. बैठक में चुनाव कार्य और एसआईआर की प्रक्रिया से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स को शामिल करने की सलाह दी गयी थी.

कलकत्ता हाईकोर्ट ने क्या-क्या आदेश जारी किये?

  1. डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज/चीफ जज, एडीशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज, स्पेशल/सीबीआई कोर्ट के विशेष जज, कॉमर्शियल कोर्ट्स, स्पेशल कोर्ट फॉर ट्रायल ऑफ क्रिमिनल केसेज अगेंस्ट एमपी-एमएलए, सिटी सिविल कोर्ट और सिटी सेशन कोर्ट कलकत्ता की बेंच में पदस्थ जज 21 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक कोई छुट्टी नहीं लेंगे, जब तक बहुत बड़ी मेडिकल इमरजेंसी न हो.
  2. उपरोक्त रैंक के सभी ज्यूडिशियल ऑफिसर्स से कहा गया है कि अगर वे छुट्टी पर हैं, तो 23 फरवरी 2026 तक काम पर लौट आयें. 9 मार्च 2023 तक मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर सारी छुट्टियां रद्द की जाती हैं, भले माननीय कोर्ट की ओर से उनकी छुट्टी को मंजूरी मिली हो.
  3. फास्ट ट्रैक कोर्ट के ज्यूडिशियल ऑफिसर्स से कहा गया है कि वे भी किसी तरह की छुट्टी लेने से परहेज करें. जजों से कहा गया है कि वे अपना स्टेशन न छोड़ें.
  4. अगर न्यायिक अधिकारियों का तबादला आदेश जारी हो चुका है और वह ट्रांसफर की स्थिति में हैं, तो 23 फरवरी 2026 तक उन्हें वर्तमान पोस्टिंग वाली जगह से हर हाल में रिलीज कर दिया जायेगा. वे 24 फरवरी 2026 को हर हाल में नयी जगह पर काम शुरू कर देंगे. इस दौरान ज्यूडिशियल ऑफिसर ट्रांजिट लीव नहीं लेंगे.
  5. ज्यूडिशियल ऑफिसर्स, जिनका डिस्ट्रिक्ट जज के रूप में तबादला हुआ है, वे 27 फरवरी 2026 की बजाय 26 फरवरी 2026 को ही नयी जगह पर काम शुरू कर देंगे. इस दौरान उन्हें कोई ट्रांजिट लीव नहीं मिलेगा.
  6. ज्यूडिशियल ऑफिसर्स के लिए 23 फरवरी 2026 से 9 मार्च 2026 तक अगर कोई ट्रेनिंग प्रोग्राम पहले से तय है, तो इसे अगले आदेश तक रद्द किया जाता है. इतना ही नहीं, राज्य के बाहर होने वाले तमाम ट्रेनिंग प्रोग्राम/सेमिनार, जिसमें बंगाल के ज्यूडिशियल ऑफिसर्स को शामिल होना है, अगले आदेश तक रद्द रहेंगे.

इसे भी पढ़ें

1.5 करोड़ लोग परेशान, 2000 करोड़ का नुकसान, बंगाल चुनाव से पहले टीएमसी का केंद्र और चुनाव आयोग पर हमला

अब कांग्रेस ने भी शुरू किया SIR का विरोध, कोलकाता में किया प्रदर्शन

बंगाल में SIR पर बवाल : CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ थाने में शिकायत, TMC विधायक बोले- 33 हजार नाम हटाने की साजिश

बंगाल में 60 लाख मतदाताओं की किस्मत अधर में, समय पर पब्लिश होगी वोटर लिस्ट!

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola