खूंटी : उलिहातू से झामुमो की संघर्ष यात्रा शुरू, हेमंत ने कहा, आज भी महापुरुषों का सपना है अधूरा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 29 Oct 2018 8:15 AM
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खूंटी : महापुरुषों ने अलग राज्य के लिए जो सपना देखा था, वह आज भी अधूरा है. यहां के आदिवासी-मूलवासियों का शोषण किया जा रहा है. इसी शोषण के विरुद्ध भगवान बिरसा की धरती उलिहातू से पार्टी (झामुमो) ने संघर्ष यात्रा की शुरुआत की है. यह बातें रविवार को झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष सह प्रतिपक्ष […]
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खूंटी : महापुरुषों ने अलग राज्य के लिए जो सपना देखा था, वह आज भी अधूरा है. यहां के आदिवासी-मूलवासियों का शोषण किया जा रहा है. इसी शोषण के विरुद्ध भगवान बिरसा की धरती उलिहातू से पार्टी (झामुमो) ने संघर्ष यात्रा की शुरुआत की है. यह बातें रविवार को झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष सह प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने कही. उन्होंने बिरसा मुंडा की प्रतिमा को नमन कर हरी झंडी दिखाकर संघर्ष यात्रा की शुरुआत की़
इस मौके पर सोरेन ने कहा कि बिरसा मुंडा का बलिदान किसी से छुपा नहीं है़ उन्हें श्रद्धांजलि तभी दी जा सकती है, जब राज्य के सभी लोगों को रोजगार मिले़ राज्य में खुशहाली आये.
सैकड़ों वर्षों के संघर्ष के बाद हम अलग राज्य में जी रहे हैं, लेकिन मूल अधिकारों पर बाहरी शक्तियों का अधिकार है. राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की सरकार आदिवासी, दलित, पिछड़े का शोषण करती है. वह अंग्रेजों की तरह शोषण करना चाहती है. राज्य में आदिवासी-मूलवासियों की भावना कुचली गयी है. सीएनटी एक्ट में संशोधन का प्रयास किया गया. स्थानीय नीति ऐसी बनायी गयी कि यूपी, बिहार और बंगाल के लोगों को नौकरी मिल रही है.
नक्सलवाद के नाम पर पुलिसिया बर्बरता किसी से नहीं छुपी है. पत्थलगड़ी के नाम पर जो तांडव किया गया, वह जगजाहिर है. पूंजीपतियों के इशारे पर जमीन हड़पने की कोशिश की जा रही है. जाति-धर्म के नाम पर फूट डालने की कोशिश हो रही है. उन्होंने कहा कि अबुआ: दिशुुम, अबुआ: राज्य के लिए फिर से उलगुलान की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव (2019) में भाजपा के लोगों को गांव में घुसने नहीं दिया जायेगा. इस मौके पर सांसद विजय हांसदा, विधायक स्टीफन मरांडी, दीपक बिरूआ, निरल पूर्ति, दशरथ गगराई, चमरा लिंडा, शशि भूषण समद सहित पार्टी के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे़
झामुमो के दूसरे चरण की संघर्ष यात्रा दो नवंबर तक चलेगी. संघर्ष यात्रा सिसई में समाप्त होगी. संघर्ष यात्रा उलिहातू, खूंटी और तोरपा के बाद कोलेबिरा, सिमडेगा, बिशुुनपुर, लोहरदगा से सिसई तक जायेगी़ इधर संघर्ष यात्रा पर निकले श्री सोरेन का जगह-जगह स्वागत हुआ़ खूंटी के तिरला में हेमंत सोरेन ने खुद मोटरसाइकिल पर बैठ कर यात्रा नेतृत्व किया़
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