झारखंड में ट्रांसमिशन नेटवर्क को और मजबूत करेगा JUSNL, खरीदेगा 4.25 करोड़ के बिजली उपकरण
झारखंड में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी (एआई जनरेटेड इमेज)
झारखंड में ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए JUSNL 4.25 करोड़ रुपये के उपकरण खरीदेगा. CVT, सर्ज अरेस्टर और 33 KV सर्किट ब्रेकर की खरीद से बिजली नेटवर्क की सुरक्षा और आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी.
रांचीः झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड (जेयूएसएनएल) ने राज्य के ट्रांसमिशन नेटवर्क को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है. निगम ने विभिन्न ट्रांसमिशन जोन के लिए कैपेसिटिव वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर (सीवीटी), पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर (पीटी), लाइटनिंग अरेस्टर, सर्ज अरेस्टर और 33 केवी सर्किट ब्रेकर की खरीद के लिए तीन अलग-अलग ई-टेंडर जारी किए हैं. इनकी कुल अनुमानित लागत करीब 4.25 करोड़ रुपए है.
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निगम के मुताबिक इन उपकरणों की खरीद से ट्रांसमिशन सिस्टम की सुरक्षा बढ़ाने के साथ फॉल्ट की स्थिति में नुकसान को सीमित करने में मदद मिलेगी. खासकर मानसून के दौरान बिजली गिरने, वोल्टेज में अचानक वृद्धि और शॉर्ट सर्किट जैसी स्थिति में ट्रांसमिशन नेटवर्क के महत्वपूर्ण उपकरणों की सुरक्षा में इनकी अहम भूमिका होगी.
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वोल्टेज की निगरानी होगी बेहतर
पहली निविदा के तहत 420/245/145/36 केवी क्षमता के कैपेसिटिव वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर (सीवीटी) और पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर (पीटी) खरीदे जाएंगे. इसके लिए 2 करोड़ 6 लाख 73 हजार 605 रुपए की अनुमानित लागत तय की गई है. सीवीटी और पीटी का इस्तेमाल हाई-वोल्टेज सिस्टम में वोल्टेज को मापने और उसकी निगरानी के लिए किया जाता है. इससे ग्रिड के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने में मदद मिलेगी.
बिजली गिरने और सर्ज से उपकरणों की सुरक्षा
दूसरी निविदा में विभिन्न वोल्टेज स्तरों के लिए लाइटनिंग अरेस्टर और हाई क्लास सर्ज अरेस्टर की खरीद की जाएगी. इसकी अनुमानित लागत 1 करोड़ 22 लाख 32 हजार 21 रुपये है. ये उपकरण बिजली गिरने अथवा अचानक वोल्टेज बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त विद्युत ऊर्जा को सुरक्षित रूप से जमीन की ओर प्रवाहित कर ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर और अन्य महंगे विद्युत उपकरणों को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं.
फॉल्ट होने पर तत्काल अलग होगी लाइन
तीसरी निविदा के तहत 33 केवी सर्किट ब्रेकर खरीदे जाएंगे. इसकी अनुमानित लागत 96 लाख 26 हजार 681 रुपये है. सर्किट ब्रेकर शॉर्ट सर्किट या अन्य विद्युत खराबी की स्थिति में संबंधित लाइन या उपकरण को तत्काल सिस्टम से अलग करने का काम करता है. इससे फॉल्ट का असर दूसरे हिस्सों में फैलने से रोकने और बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने में मदद मिलती है.
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तीनों टेंडर की अनुमानित लागत
उपकरण| अनुमानित लागत सीवीटी/पीटी| 2.06 करोड़ रुपये लाइटनिंग/सर्ज अरेस्टर| 1.22 करोड़ रुपये 33 केवी सर्किट ब्रेकर| 96.26 लाख रुपये कुल| करीब 4.25 करोड़ रुपये
10 सितंबर तक जमा होंगे टेंडर
निविदा दस्तावेज 21 अगस्त 2026 को शाम चार बजे से डाउनलोड किये जा सकेंगे. प्री-बिड बैठक 27 अगस्त को शाम चार बजे होगी. बिड जमा करने की अंतिम तिथि 10 सितंबर 2026 को शाम चार बजे निर्धारित की गई है. तकनीकी बिड 11 सितंबर को शाम चार बजे खोली जाएगी. वित्तीय बिड खोलने की तिथि बाद में सूचित की जाएगी.
क्या होगा फायदा
- हाई-वोल्टेज सिस्टम में वोल्टेज की निगरानी बेहतर होगी.
- बिजली गिरने और अचानक वोल्टेज बढ़ने से ट्रांसमिशन उपकरणों की सुरक्षा होगी.
- शॉर्ट सर्किट की स्थिति में प्रभावित लाइन को तत्काल अलग किया जा सकेगा.
- फॉल्ट का असर बड़े क्षेत्र में फैलने से रोकने में मदद मिलेगी.
- ट्रांसफॉर्मर और अन्य महंगे उपकरणों को नुकसान का जोखिम घटेगा.
- ट्रांसमिशन नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ेगी और बिजली आपूर्ति बहाली में समय कम करने में मदद मिलेगी.
नोट: इन उपकरणों की खरीद से सीधे बिजली उत्पादनन क्षमता नहीं बढ़ेगी, बल्कि मौजूदा बिजली को सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से ट्रांसमिट करने की क्षमता मजबूत होगी.
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By Sunil Choudhary
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