बिजली पोल पर झूलते केबल हटाने की कार्रवाई शुरू, कंपनियों को दिया अंतिम मौका भी खत्म

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बिजली के खंभों से केबल हटाने की कार्रवाई शुरू

रांची में बिजली के पोल पर लगे अनधिकृत और असुरक्षित टेलीकॉम, OFC व टीवी केबल के खिलाफ जेबीवीएनएल ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है. 16 अगस्त की समयसीमा खत्म होने के बाद निगम ने कई इलाकों में झूलते और मानकों के विपरीत लगे केबल हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है. संबंधित कंपनियों से हटाने का खर्च भी वसूला जाएगा.

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रांचीः हाइकोर्ट की सख्ती के बाद झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने बिजली के पोल पर अनधिकृत, कम ऊंचाई और असुरक्षित तरीके से लगाए गए टेलीकॉम, ओएफसी और टीवी केबल के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. कंपनियों को केबल और उपकरणों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थित करने के लिए दिया गया अंतिम मौका भी खत्म हो गया है. 16 अगस्त तक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले केबल को अब निगम अपने स्तर से हटा रहा है. हटाने में आने वाला खर्च संबंधित कंपनी या एजेंसी से वसूला जायेगा. जेबीवीएनएल ने जून 2026 में भी दूरसंचार कंपनियों को केबल सुरक्षित करने का निर्देश दिया था. इसके बाद हाइकोर्ट के स्वत: संज्ञान मामले के आलोक में 13 अगस्त को अंतिम नोटिस जारी किया गया था.

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रांची के कई इलाकों में हटाए गए केबल

बुधवार को कार्रवाई के पहले चरण में रांची के कई प्रमुख इलाकों में बिजली पोल पर लगे असुरक्षित और अवैध केबल हटाए गए. निगम के अनुसार कुसई चौक से 56 सेठ, जीवन लोक से लक्ष्मी नर्सिंग होम (हिनू रोड), कुम्हार टोली (हरमू रोड), श्रद्धानंद रोड, कांके रोड में हॉलिडे होम के पास, चांदनी चौक (तुपुदाना), सैनिक कॉलोनी (बूटी मोड़), कांके रोड में इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के पास, मेन रोड, कोचा टोली, खेलगांव रोड (लालगंज), डिस्टिलरी पुल से कोकर शिव मंदिर, करमटोली चौक से रामेश्वरम गली तथा जगन्नाथपुर थाना से शनि मंदिर तक कार्रवाई की गई.

इसके अलावा निगम के अभियान के तहत डोरंडा, हिनू, डंगराटोली चौक, लालपुर, पुरुलिया रोड, कोकर, मोरहाबादी, चिरौंदी और नामकुम समेत रांची के अन्य इलाकों में भी अनधिकृत और झूलते केबल हटाने की कार्रवाई की जा रही है.

डोरंडा से नामकुम तक चलेगा अभियान

पहले चरण में रांची के ईस्ट, वेस्ट, सेंट्रल, न्यू कैपिटल, डोरंडा और कोकर विद्युत आपूर्ति प्रमंडल को कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई है. रांची के अलावा खूंटी, गुमला, लोहरदगा और सिमडेगा में भी संबंधित विद्युत कार्यपालक अभियंताओं को अनधिकृत एवं असुरक्षित केबल हटाने का निर्देश दिया गया है. निगम ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.

पोल पर केबल का जाल, राहगीरों और वाहन चालकों को खतरा

जेबीवीएनएल के अनुसार कई जगह दूरसंचार कंपनियों और स्थानीय केबल ऑपरेटरों ने बिना अनुमति बिजली पोल पर केबल खींच रखे हैं. कई स्थानों पर ये केबल निर्धारित सुरक्षित ऊंचाई से नीचे हैं और सड़क के ऊपर झूल रहे हैं. इससे बड़े वाहनों के केबल में फंसने, तार टूटने और बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है. बारिश के मौसम में ऐसे केबल दुर्घटना का कारण बन सकते हैं. निगम ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से इन्हें हटाने की कार्रवाई शुरू की है.

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हर पोल का मांगा गया था पूरा ब्योरा

जेबीवीएनएल ने संबंधित कंपनियों से बिजली के पोल पर लगाये गए केबल और उपकरणों का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा था. इसमें पोल की जीपीएस लोकेशन, प्रत्येक पोल पर लगे केबलों की संख्या और उपकरणों की जानकारी शामिल है. निगम के अनुसार कई कंपनियों ने निर्देश के बावजूद अपेक्षित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई.

बीएसएनएल, रेलटेल, जियो समेत कंपनियों को नोटिस

जेबीवीएनएल की ओर से दूरसंचार सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनियों और केबल ऑपरेटरों को बार-बार केबल सुरक्षित करने का निर्देश दिया गया था. अभियान के दायरे में बीएसएनएल, रेलटेल, रिलायंस जियो, वोडाफोन समेत संबंधित कंपनियों के केबल और उपकरण भी आते हैं. निगम ने सभी केबल ऑपरेटरों और दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों से एक सप्ताह के भीतर केबल की वैधता का प्रमाण देने और उन्हें सुरक्षित करने का आग्रह किया है.

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खर्च भी कंपनियों से वसूलेगा निगम

जेबीवीएनएल ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले और अवैध तरीके से खींचे गए केबल को निगम अपने स्तर से हटाएगा. इस पूरी कार्रवाई में होने वाला खर्च संबंधित कंपनी या एजेंसी से वसूला जाएगा. निगम का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल अवैध केबल हटाना नहीं, बल्कि बिजली के पोल और बिजली व्यवस्था को सुरक्षित रखना तथा सड़क पर राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा कम करना है.

एक सप्ताह में वैधता प्रमाण देने का निर्देश

जेबीवीएनएल ने सभी केबल ऑपरेटरों और दूरसंचार कंपनियों से एक सप्ताह के भीतर अपने केबल की वैधता का प्रमाण देने और सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था करने को कहा है. ऐसा नहीं करने पर असुरक्षित और अवैध केबल हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.


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Sunil Choudhary

लेखक के बारे में

By Sunil Choudhary

25 वर्षों से पत्रकारिता कर रहा हूँ.हार्ड न्यूज़ से राजनीतिक खबर करता रहा हूँ.वर्तमान में मुख्यमंत्री, पावर,इंडस्ट्रीज, माइंस संबंधित मामलों पर रिपोर्ट करता हूँ. बीबीसी,पैनोस और झारखंड सरकार से फेलोशिप ले चुका हूँ।कई बार अवार्ड ले चुका हूँ.

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