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झारखंड में घट रही आदिवासियों की संख्या पर श्वेत-पत्र जारी करे सरकार : बाबूलाल मरांडी

Updated at : 12 Sep 2024 8:42 PM (IST)
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झारखंड में घट रही आदिवासियों की संख्या पर श्वेत-पत्र जारी करे सरकार : बाबूलाल मरांडी

भाजपा एसटी मोर्चा की ओर से जामताड़ा के यज्ञ मैदान में जनाक्रोश रैली आयोजित.

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जामताड़ा. भाजपा एसटी मोर्चा की ओर से गुरुवार को जामताड़ा के यज्ञ मैदान से जनाक्रोश रैली निकाली गयी. रैली में मुख्य रूप से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, पूर्व सांसद सुनील सोरेन, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद आदि शामिल हुए. मौके पर बाबूलाल मरांडी ने कहा संताल परगना सहित संपूर्ण झारखंड में आदिवासियों की आबादी लगातार घट रही है. झारखंड की डेमोग्राफी बदली तो सब कुछ बदल जायेगा. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से आदिवासियों की आबादी घट रही है, उसका असर सिर्फ आदिवासियों पर ही नहीं सब कुछ प्रभावित होंगे. पहला यदि प्रभावित होने वाला है तो हमारे आदिवासी भाई बहनें भी प्रभावित होने वाले हैं. क्योंकि आदिवासियों को लोकसभा, विधानसभा व सरकारी नौकरियों में जो आरक्षण मिला है, अगर आबादी घट रही है तो इन सभी स्थानों में मिले आरक्षण में भी आदिवासियों की संख्या घट जायेगी. कहा कि झारखंड प्रदेश में आदिवासियों की आबादी में 9.8 प्रतिशत गिरावट आई है. मुस्लिम आबादी में 6.44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. हिंदू की आबादी में 6.67 प्रतिशत की गिरावट आयी है. संताल परगना में 1951 में आदिवासियों की आबादी जहां 44.67 प्रतिशत थी. वहीं मुस्लिम आबादी 9.44 प्रतिशत था. 2011 में संताल परगना में 28.11 प्रतिशत आदिवासी घटे हैं. मुसलमानों की आबादी 22.73 प्रतिशत हो गया. कहा कि सरकार से लगातार मांग कर रहे हैं कि एसआइटी का गठन कर जांच करायें, आखिर आदिवासियों की आबादी लगातार कैसे कम हो रही है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि वनों में गिद्ध व अन्य पक्षी कम होते हैं तो दुनिया भर के वैज्ञानिक रिसर्च करते हैं कि कैसे जंगल से ये सब समाप्त हो रहे हैं. यहां तो इतनी बड़ी आबादी घट रही है, इसका कारण क्या है. कहा कि एक कारण है बांग्लादेश का जो घुसपैठ हुआ है. पाकुड़, साहिबगंज सहित देश के अन्य क्षेत्र में बांग्लादेशी घुस रहे हैं और उनकी आबादी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है. अगर ऐसी आबादी बढ़ेगी तो आदिवासियों भाई बहनों के लिए संकट है. कहा यदि साहिबगंज जिला जायेंगें, वहां मुखिया, जिला परिषद सीट पर कब्जा आदिवासी बहनों से शादी कर मुसलमानों ने किया है. इसी प्रकार आने वाले समय में विधानसभा, लोकसभा की सीटें चली जायेंगी. इसलिए सरकार से मांग करते हैं कि इस पर जांच कमिशन बैठा कर जांच कराये और श्वेत पत्र जारी करे. ताकि आदिवासियों का जो हक, अधिकार है वह सुरक्षित रहे. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों के हित की बात सिर्फ भाजपा ही करती है. ताकि आदिवासियों का हक और अधिकार सुरक्षित रहे. कहा झारखंड को भी भाजपा ने ही बनाया है. संताली भाषा को संविधान की आठवीं सूची में भाजपा सरकार ने ही लायी है. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के राष्ट्रपति आदिवासी को बनाया है. छत्तीसगढ़, ओडिशा में आदिवासी ही मुख्यमंत्री हैं. कहा कि दूसरे दल आदिवासियों के नाम पर राजनीतिक करते हैं. इस सरकार का पांच साल हो गया, लेकिन पांच काम भी नहीं बता सकता है. अब जब इनकी सत्ता जाने लगी है तो मंईयां सम्मान योजना चला रही है. कहा कि नवंबर में चुनाव होना है उसके बाद तो कुछ करना नहीं है. 2019 में गरीबों को ठगा था. कहा नौकरी देंगे, भत्ता देंगे, लेकिन एक काम नहीं किया. सभा को पूर्व सांसद सुनील सोरेन सहित अन्य ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम के बाद यज्ञ मैदान से जुलूस निकाल कर टावर चौक पहुंचा. मौके पर पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल, भाजपा नेता वीरेंद्र मंडल, भाजपा नेता सुनील कुमार हांसदा, एसटी मोर्चा के जिलाध्यक्ष मंगल सोरेन, अबिता हांसदा आदि मौजूद थीं.

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