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ट्रैफिकिंग या शोषण से मुक्त कराये गये बच्चों को बालगृह में दिया जायेगा आश्रय : डीसी

Updated at : 10 Sep 2024 8:02 PM (IST)
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ट्रैफिकिंग या शोषण से मुक्त कराये गये बच्चों को बालगृह में दिया जायेगा आश्रय : डीसी

मिशन वात्सल्य के तहत शोषित, पीड़ित बच्चों की देखरेख और संरक्षण के लिए जामताड़ा में बालगृह (बालक) का शुभारंभ किया गया.

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जामताड़ा. मिशन वात्सल्य के तहत शोषित, पीड़ित बच्चों की देखरेख और संरक्षण के लिए जामताड़ा में बालगृह (बालक) का शुभारंभ किया गया. इसका उदघाटन डीसी कुमुद सहाय, डीडीसी निरंजन कुमार, आइटीडीए निदेशक जुगनू मिंज व डालसा सचिव अभिनव कुमार ने संयुक्त रूप से किया. इस अवसर पर डीसी कुमुद सहाय ने कहा कि बालगृह में बाल श्रमिक बच्चे, शोषित-पीड़ित बच्चे व शोषण से मुक्त कराये गये बच्चे को आश्रय प्रदान किया जायेगा. उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जायेगा. समाज से भटके हुए बच्चों को नयी राह दिखाया जायेगा. डीडीसी ने कहा कि कई बार प्रशासनिक स्तर पर प्रयास के बाद बालगृह पहली बार जामताड़ा में प्रारंभ किया जा रहा है. पूर्व में जरूरतमंद बच्चों को अन्य जिलों में भेजा जाता था. बालगृह के संचालन में संस्था को हर प्रकार से प्रशासनिक सहयोग प्रदान दिया जायेगा. डालसा के सचिव ने कहा कि यह जिला के लिए गर्व की बात है कि जामताड़ा में बालगृह जन सहभागी विकास केंद्र के रूप में स्थापित किया गया है, जो राज्य के लिए माॅडल बनेगा. जिले में कई प्रकार के बच्चे जो होटलों में काम करते हैं, रेलवे स्टेशनों पर घूमते रहते हैं, नशा या ट्रैफिकिंग का शिकार होते हैं उन बच्चों को ऐसी कठिन परिस्थितियों से मुक्त कराकर उन्हें परामर्श प्रदान किया जायेगा. शिक्षा देकर समाज में पुनर्वासित किया जायेगा. बलगृह के संदर्भ में संस्था के सचिव प्रमोद कुमार वर्मा ने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम के तहत 12 प्रकार के अनाथ, परित्यक्त, आश्रयविहिन या बेसहारा बच्चे, शारीरिक व मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चे, उत्पीड़ित व शोषित बच्चे, बालश्रम में फंसे बच्चे, ट्रैफिकिंग के शिकार बच्चे, परिवारिक हिंसा के शिकार बच्चे, युद्ध या प्राकृतिक आपदा के शिकार बच्चे, विभाजित या अलग हुए परिवारों के बच्चे, नशा, अपराध या गलत गतिविधियों में फंसे बच्चों को सेवाएं प्रदान किया जायेगा. मंच का संचालन जन सहभागी विकास केंद्र के सदस्य त्रिभुवन शर्मा ने किया. बताया कि दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में झारखंड से बच्चों का ट्रैफिकिंग होता है. कई बाल संस्था के माध्यम से बच्चों को मुक्त कराया गया है. संस्था के कोषाध्यक्ष ज्योति सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया. मौके पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष ऋतेश चंद्रा, सदस्य मनोरंजन कुमार, धर्मशिला प्रसाद, विमलेंदु विश्वास, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अंजू पोद्दार, जेएसएलपीएस के डीपीएम राहुल कुमार, कल्पना कुमारी आदि मौजूद थीं.

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