काशी विश्वनाथ की तर्ज पर चमकेगा बाबा तारकेश्वर का दरबार, 20 को बंगाल आ सकते हैं पीएम मोदी
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 07 Jun 2026 9:53 AM
PM Narendra Modi Tarakeswar Visit: हुगली के प्रसिद्ध तारकेश्वर धाम को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी शुरू हो गयी है. 20 जून को पीएम मोदी के संभावित दौरे से पहले डीएम ने जमीन अधिग्रहण और दुकानों के पुनर्वास पर बड़ी बैठक की.
खास बातें
PM Narendra Modi Tarakeswar Visit: पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध शैव महातीर्थ हुगली जिले का तारकेश्वर धाम आने वाले दिनों में देश के सबसे आधुनिक और भव्य धार्मिक कॉरिडोर के रूप में नजर आने वाला है. 20 जून को ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तारकेश्वर आगमन की संभावना के बीच इस पवित्र मंदिर क्षेत्र के व्यापक सौंदर्यीकरण और आधारभूत संरचनाओं के विकास की योजनाओं ने रफ्तार पकड़ ली है.
बंगाल को धार्मिक सौगातें दे सकते हैं पीएम मोदी
केंद्र और राज्य सरकार तारकेश्वर धाम को वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के मॉडल पर विकसित करने का खाका तैयार किया गया है. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी अपने इस संभावित और हाई-प्रोफाइल दौरे के दौरान इस महत्वाकांक्षी मेगा प्रोजेक्ट की औपचारिक घोषणा या शिलान्यास कर बंगाल की जनता को अभूतपूर्व धार्मिक सौगात दे सकते हैं.
डीएम की अध्यक्षता में हाई-लेवल मीटिंग
प्रधानमंत्री के संभावित दौरे और इस बड़े प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए हुगली के जिलाधिकारी खुर्शीद अली कादरी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हो चुकी है. वीआईपी बैठक में जिले के विभिन्न प्रशासनिक विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और स्थानीय क्षेत्र के विधायक ने हिस्सा लिया.
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श्रावणी मेला और मंदिर के विकास पर हुई चर्चा
बैठक में श्रावणी मेले की तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ मुख्य रूप से तारकेश्वर मंदिर परिसर के आधुनिक विकास, दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार, वैज्ञानिक यातायात प्रबंधन और क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को 21वीं सदी के अनुरूप अपग्रेड करने पर बिंदुवार और विस्तृत चर्चा की गयी.
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हटेगा संकरी सड़कों का जाल
तारकेश्वर के स्थानीय नागरिकों और व्यवसायियों का कहना है कि अभी मंदिर तक पहुंचने वाले जितने भी मुख्य मार्ग हैं, बेहद संकरे और तंग हैं. विशेषकर साल के 2 सबसे बड़े उत्सवों – श्रावण और चैत्र मेले के दौरान जब यहां देश भर से लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, तब आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है. लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसलिए एंट्री और एग्जिट गेट को चौड़ा करने पर विचार किया जा रहा है.
PM Narendra Modi Tarakeswar Visit: पुनर्वास का बनेगा नया प्लान
आवश्यकता पड़ने पर मंदिर के आसपास की जमीनों का सरकार अधिग्रहण करेगी. साथ ही, सड़कों के दायरे में आने वाली कुछ स्थानीय दुकानों का पुनर्वास किया जा सकता है, ताकि किसी की रोजी-रोटी प्रभावित न हो. श्रद्धालुओं को भी सुगम, सुरक्षित और सुंदर मार्ग उपलब्ध कराया जा सके.
पुरोहितों ने भी थाम लिया सरकार का हाथ
इस भव्य कॉरिडोर परियोजना को लेकर तारकेश्वर मंदिर के मुख्य पुरोहितों और सेवायतों ने बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक रुख अपनाया है. मंदिर के पुरोहितों ने कहा है कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं की सुविधा और इस ऐतिहासिक मंदिर के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार जो भी कदम उठायेगी, उसमें मंदिर प्रशासन और पुरोहित समाज अपना शत-प्रतिशत सहयोग प्रदान करेगा.
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