कहां है TMC की टॉलीवुड ब्रिगेड? बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी से दूर हुए फिल्मी सितारे
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 07 Jun 2026 7:04 AM
Mamata Banerjee Tollywood Brigade: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में टीएमसी के पतन के बाद ममता बनर्जी की चहेती टॉलीवुड ब्रिगेड ने उनसे दूरी बना ली है. मिमी, नुसरत और देव जैसे बड़े सितारों ने बदली राजनीतिक परिस्थितियों के बीच दीदी को पूरी तरह से अकेला छोड़ दिया है.
खास बातें
Mamata Banerjee Tollywood Brigade: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी शिकस्त के बाद राज्य के सियासी गलियारों से लेकर बंगाली सिनेमा जगत (Tollywood) तक बहुत कुछ बदल गया है. कभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हर मंच की शोभा बढ़ाने वाली, रैलियों में ग्लैमर का तड़का लगाने वाली और सोशल मीडिया पर दीदी के पक्ष में कसीदे पढ़ने वाली उनकी चहेती ‘टॉलीवुड ब्रिगेड’ आज पूरी तरह गायब है.
ममता के ग्लैमरस दौर का अंत और सितारों का पलायन
कुछ महीने पहले तक कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (KIFF) से लेकर टीएमसी की शहीद दिवस (21 जुलाई) रैली के मुख्य मंच तक, जो फिल्मी चेहरे ममता बनर्जी के इर्द-गिर्द नजर आते थे, वे अब कालीघाट (ममता बनर्जी का आवास) के आस-पास भी दिखाई नहीं दे रहे हैं.
सोशल मीडिया पर सन्नाटा
चुनाव नतीजों के एक महीने बाद भी बंगाल के इन दिग्गज और लोकप्रिय अभिनेता-अभिनेत्रियों के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से ममता बनर्जी या टीएमसी के समर्थन में एक भी पोस्ट सामने नहीं आया है.
इसे भी पढ़ें : मुश्किल में पर्नो, तनुश्री और कंचना! बंगाल में सत्ता बदलने के बाद टॉलीवुड अभिनेत्रियों के ‘पछतावे’ की क्या है कहानी
जीत के सारथी, हार के बाद बने अजनबी
ममता बनर्जी ने बंगाली सिनेमा के सितारों को राजनीति में लाकर एक नया प्रयोग किया था, जिसने कई सालों तक टीएमसी को चुनाव में फायदा पहुंचाया. नुसरत जहां, मिमी चक्रवर्ती, देव (दीपक अधिकारी), सायंतनी घोष, राज चक्रवर्ती और जून मालिया जैसे चेहरों को ममता बनर्जी ने न केवल राजनीति में एंट्री दी, बल्कि उन्हें संसद और विधानसभा तक पहुंचाया.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पार्टी की रीढ़ बनी थी टॉलीवुड ब्रिगेड
संकट के समय में ये सितारे ममता बनर्जी के रक्षक बनकर सामने आते थे. रैलियों में लाखों की भीड़ जुटाने का काम करते थे. लेकिन 2026 की करारी हार और पार्टी के भीतर मचे आंतरिक विद्रोह (58 विधायकों की बगावत) के बीच इस ब्रिगेड ने खुद को पूरी तरह आइसोलेट (अलग) कर लिया है.
Mamata Banerjee Tollywood Brigade: करियर बचाने की मजबूरी या भाजपा सरकार का खौफ?
टॉलीवुड ब्रिगेड की इस अचानक बदले रुख के पीछे फिल्म इंडस्ट्री के भीतर चल रही कई अंदरूनी मजबूरियों को जिम्मेदार माना जा रहा है. बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में सर्वाइवल (अस्तित्व) के लिए सत्ता के साथ तालमेल बिठाना जरूरी होता है. बंगाल में अब भाजपा की नयी सरकार बन चुकी है.
टॉलीवुड को सताता है यह डर
ऐसे में टॉलीवुड के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों को डर है कि अगर वे अब भी ममता बनर्जी के खेमे में खड़े दिखे, तो उनके सिनेमाई प्रोजेक्ट्स, सरकारी सब्सिडी और हॉल स्क्रीनिंग पर संकट आ सकता है. यह चुप्पी वफादारी से ज्यादा अपने करियर को सुरक्षित रखने की एक सोची-समझी व्यावसायिक रणनीति है.
इसे भी पढ़ें
टॉलीवुड मामले में सीएम शुभेंदु अधिकारी का एक्शन, रूपा गांगुली समेत चार विधायकों को सौंपी जिम्मेदारी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










